पाबंदी के बावजूद इंदौर में मकर संक्रांति पर चाइनीज मांझे की बिक्री हुई और इससे पतंगें भी उड़ाई गईं। पुलिस प्रशासन और उत्सवप्रेमियों की इस जानलेवा लापरवाही का खामियाजा एक छात्र को उठाना पड़ा। फूटी कोठी ओवरब्रिज से बाइक पर सवार होकर जा रहे एक छात्र के गले में चाइनीज मांझा उलझने से गर्दन की नस कट गई और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
छात्र अपने एक रिश्तेदार के साथ गैस की टंकी लेने बाइक पर जा रहा था। तभी ब्रिज पर पतंग की डोर से उसका गला कट गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने एफआईआर में सादी डोर से गला कटने का उल्लेख किया है। इससे परिजन नाराज हो गए और उन्होंने दावा किया कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से ही उसका गला कटा है।
गैस सिलेंडर लेने जा रहा था
इस हादसे में 22 वर्षीय छात्र हिमांशु सोलंकी की मौत हुई है। वह अपने रिश्तेदार विनोद के साथ गैस सिलेंडर लेने जा रहा था। अचानक डोर उसके गले को काटते हुए चली गई। पीछे बैठे विनोद की आंख में भी इस कारण चोट आई।
मनावर का रहने वाला था
हिमांशु अन्नपूर्णा क्षेत्र में किराए से रहता था। वह महू के एक काॅलेज में पढ़ता था। हिमांशु मूलत: धार जिले के मनावर का रहने वाला था। पुलिस अफसरों का कहना है कि जिस डोर की वजह से छात्र की मौत हुई। वह चाइनीज धागा नहीं है।
परिजनों ने किया थाने पर प्रदर्शन
परिजनों ने छात्र की मौत के बाद द्वारकापुरी थाने के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि एफआईआर सादे मांझे से गला कटने की लिखी गई है, जबकि चाइनीज डोर से गला कटने से मौत हुई है। जब तक पुलिस रिपोर्ट में चाइनीज मांझे का उल्लेख नहीं होगा, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। परिजनों का कहना है कि मौके पर डोर के फोटो और वीडियो भी रिश्तेदार ने बनाए थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें डिलीट करवा दिया।
युवक की नाक कटी
चाइनीज डोर के कारण मंगलवार को मल्हारगंज क्षेत्र में भी हादसा हो गया। एक युवक की नाक डोर के कारण कट गई। इसके अलावा पीथमपुर में भी डोर के कटने से एक युवक घायल हो गया।