इंदौर के जेलरोड क्षेत्र में एक सुविधाघर को तोड़कर पड़ोस के दुकानदार ने दुकान बना ली। दूसरे दुकानदारों को जब परेशानी होने लगी तो उन्होंने जोनल स्तर पर अफसरों को शिकायत की। अफसर मामले की अनदेखी करते रहे। बाद में मामला निगमायुक्त तक पहुंचा, तो उन्होंने न केवल सुविधाघर को कब्जे से मुक्त कराया, बल्कि अनदेखी करने वाले भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस और सुपरवाइजर सागर गावड़े को निलंबित कर दिया।
बायस चार साल पहले बल्लाकांड के फरियादी रहे है। उनकी शिकायत पर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय पर प्रकरण दर्ज किया गया है। अब वे शौचालय से कब्जा नहीं हटाने के चक्कर में नप गए।
शौचालय पर कब्जा करने वाले दुकानदार हेंमत चौरसिया के खिलाफ नगर निगम प्रकरण भी दर्ज करा रहा है। दुकानदार ने अपनी दुकान की दीवार तोड़कर शौचालय को दुकान में मिला लिया था और बाहर से शटर लगा लिया था। नगर निगम ने शटर तुड़वा कर शौचालय को कब्जे से मुक्त कराया है।
मार्केट के दूसरे शौचालय के पास भी बनी दुकान
जेल रोड के नगर निगम मार्केट के समीप चिमनबाग गेट पर भी सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। चार साल पहले उस शौचालय के पास भी एक दुकान बना ली गई थी। तब भी यह मामला दुकानदारों ने उठाया था, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ।