भोपाल से पीथमपुर आए 337 टन कचरे के निपटान के लिए रामकी कंपनी में दूसरा ट्रायल रन शुरू हो गया। बुधवार देर रात भस्मक में कचरा डालने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूसरा चरण शनिवार तक चलेगा। इसके बाद दस टन का तीसरा ट्रायल रन होगा। उसकी रिपोर्ट जबलपुर हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी, हालांकि सामान्य स्थिति रहने के बाद कचरा जलाने का काम जारी रहेगा।
पीथमपुर मे जनवरी माह में ही कचरा जलाने की तैयारी हो गई थी, इसके लिए 2 जनवरी को कचरा भोपाल से 12 कंटेनरों में पीथमपुर लाया गया था, लेकिन कंपनी की सारी तैयारी जनता के विरोध के कारण प्रभावित हुई थी।
इसके बाद 57 दिन तक कचरा कंटेनरों में ही रहा। कोई ने तीन चरणों मेें ट्रायल रन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गत दिनो कचरा जलाने का काम शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अफसरों और वैज्ञानिकों की मौजूदगी में कराई जा रही है।
दूसरे चरण में कचरे की मात्रा बढ़ाई
पहले चरण में 135 किलो कचरा प्रति घंटे के हिसाब से जलाया जा रहा था। 10 किलो के पैकेट में साढ़े चार किलो चूना और साढ़े चार किलो जहरीले कचरे का मिश्रण मिलाया गया था। पहले चरण में उत्सर्जित गैसों की मात्रा तय मापदंडों से काफी कम मिली। इसके बाद अब 180 किलो कचरा प्रति घंटे के हिसाब से जलाया जाएगा। दस टन कचरे को जलाने में 60 घंटे से अधिक का समय लगेगा। दूसरे ट्रायल रन के दौरान भी रामकी कंपनी और आसपास के क्षेत्रों में लगे उपकरणों के माध्यम से प्रदूषण के स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।