भोपाल के यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने का पहला ट्रायल रन पूरा हो चुका है। अब दूसरा ट्रायल रन शुरू होगा। दूसरा रन बुधवार शाम से शुरू होना था, लेकिन रात 10 बजे तक भट्टी का तापमान 1200 डिग्री तक नहीं पहुंच सका था। इस कारण देर हुई। पहले चरण की रिपोर्ट में गैसों का उत्सर्जन तय मात्रा से भी कम पाया गया। इसके अलावा मानव स्वास्थ्य पर भी कचरा जलाने का असर नहीं पड़ा।
पहले चरण में जलाए गए कचरे की रिपोर्ट तैयार हो रही है और जल्दी ही कोर्ट में प्रस्तुत होगी। अब दूसरे ट्रायल रन में 10 टन कचरा जलाने में 70 घंटे से अधिक का समय लगेगा। उसकी भी प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा निगरानी की जाएगी और उसकी रिपोर्ट भी तैयार होगी।
दूसरे ट्रायल रन में एक दिन का अंतराल
पहले ट्रायल रन में तीन दिन का समय लगा। बुधवार को पहला रन समाप्त हो चुका था, लेकिन तय प्रक्रिया का पालन करते हुए रामकी कंपनी ने दूसरे ट्रायल रन शुरू करने से पहले एक दिन का गेप दिया। इस दौरान भस्मक और दहन कक्ष का मेंटेनेंस किया गया, ताकि दूसरे चरण के परीक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भस्मक ठंडा होने के बाद बैग फिल्टर और दहन कक्षों की मरम्मत की गई।
दूसरे चरण में बढ़ेगी मात्रा
पहले चरण में 135 किलो प्रति घंटे के हिसाब से कचरा जलाया गया। हर घंटे 500 लीटर डीजल दहन कक्ष में तय तापमान को बनाए रखने पर खर्च हुआ। अब दूसरे चरण में कचरे की मात्रा बढ़ाई जाएगी। हर घंटे 180 किलो ग्राम तक कचरा जलाया जाएगा। पहले चरण के दौरान रामकी कंपनी के आसपास पुलिस बल तैनात रहा।
आबादी पर प्रतिकूल असर नहीं : कलेक्टर
दूसरे चरण के दौरान भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि पहले चरण के परिणाम तय मापदंडों के अनुरूप पाए गए हैं। भस्मक के आसपास के आबादी क्षेत्र में भी परीक्षण हुए। कचरे के निपटान का मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। इसकी रिपोर्ट तैयार हो रही है।