इंदौर में मंगलवार को दशानन का शहर के विभिन्न स्थानों पर भव्य रूप से दहन किया गया। इस दौरान कहीं श्रीराम-रावण का अनोखा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध देखने को मिला, तो कहीं लंकापति ने अपनी आंखों से अंगारे भी बरसाए, और कहीं प्रतीकात्मक रूप से 'नशासुर' का भी नाश किया गया। शहर में हुए इन आयोजनों के दौरान शानदार और रंगारंग आतिशबाजियों ने लोगों का मन मोह लिया।
दशानन के दहन को लेकर आयोजकों ने सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। हालांकि, सोमवार और मंगलवार को हुई हल्की बारिश ने कुछ देर के लिए आयोजकों के चेहरों पर चिंता के भाव जरूर ला दिए थे, लेकिन अधिकांश जगहों पर वाटरप्रूफ रावण होने के कारण उन्हें ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।
दशहरा मैदान पर 111 फीट का रावण जला
दशहरा महोत्सव समिति के संयोजक सत्यनारायण सलवाडिया व पिंटू जोशी ने बताया कि दशहरा मैदान पर 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। इसके साथ ही ढाई सौ फीट चौड़ी लंका का भी दहन हुआ। दशहरा मैदान पर श्रीराम-रावण का युद्ध हुआ और हनुमान सहित वानर सेना द्वारा लंका पर चढ़ाई का जीवंत चित्रण किया गया। इसके पूर्व महूनाका से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। होलकर स्टेट के पदाधिकारी पालकी सहित शोभायात्रा में शामिल हुए और उसके आने के बाद पूजन संपन्न हुआ।
121 फीट के रावण का हुआ दहन, 9 दानव रथ पर लेकर आए
बोयत श्री मित्र मंडल छावनी दो नंबर स्कूल मैदान पर 121 फीट के रावण का दहन किया गया। अभिषेक दीनू बोयत ने दावा किया कि यह इंदौर का सबसे ऊंचा रावण था। यहां लंकापति ने अपनी आंखों से अंगारे और मुंह से धुआं छोड़ते हुए सभी को हैरान कर दिया। साथ ही, 51 फीट की लंका भी बनाई गई थी, जिसे 9 दानव रथों पर लेकर आए।
आतिशबाजी से अलग हुए लंकेश के दसों शीष
इंदौर दशहरा उत्सव समिति, चिमनबाग मैदान के अध्यक्ष अनिल यादव व संयोजक अरविंद यादव ने बताया कि यहां 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह रही कि लंकेश के दसो शीष आतिशबाजी के साथ एक-एक करके अलग हुए। यहां 250 फीट लंबी लंका भी तैयार की गई थी। हनुमानजी ने अपनी वानर सेना के साथ लंका पर आक्रमण किया और रावण से युद्ध किया। यहां बेहद आकर्षक आतिशबाजी देखने को मिली।
21 फीट ऊंचे रामजी का 51 फीट ऊंचे रावण के साथ हुआ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध
एकता सहयोग समिति के अध्यक्ष पंडित कपिल तिवारी और आयोजक लव मीणा, किशोर मीणा ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी नई टेक्नोलॉजी से रावण तैयार किया गया था। इस बार 21 फीट ऊंचे श्रीराम और 51 फीट ऊंचे रावण के बीच इलेक्ट्रॉनिक भीषण युद्ध देखने को मिला। इसके साथ ही आकर्षक आतिशबाजी भी की गई।
'नशासुर' का हुआ नाश
संस्था सूर्यमंच के संयोजक सन्नी पठारे ने बताया कि श्री कृष्ण टॉकिज के सामने नगर निगम रोड पर एमडी ड्रग्स रूपी नशे के प्रतीकात्मक 'नशासुर' के पुतले का दहन किया गया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसका ऑनलाइन प्रसारण भी किया गया। रंगारंग आतिशबाजी के बाद रावण दहन के उपलक्ष्य में 151 किलो गिलकी के भजिए का वितरण किया गया।
शूर्पणखा का भी हुआ दहन
इंदौर में दशहरे पर अब तक केवल रावण दहन की परंपरा निभाई जाती रही है, लेकिन इस बार मंगलवार को पहली बार शूर्पणखा का भी दहन किया गया। संस्था पौरुष की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देश की पांच चर्चित महिला अपराधियों के नामों को शूर्पणखा के प्रतीक से जोड़कर दोपहर के समय दहन किया गया।
111 फीट का रावण और 350 फीट की लंका का हुआ दहन
रामबाग दशहरा उत्सव समिति द्वारा 111 फीट के रावण का दहन किया गया, जहां बेहद आकर्षक आतिशबाजी की गई। बारिश को ध्यान में रखते हुए वाटरप्रूफ रावण ही तैयार किया गया था। रावण दहन के पहले भैरव भवानी गरबा मंडल तिलक पथ से राम-लक्ष्मण और हनुमान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह रावण इको-फ्रेंडली मटेरियल से तैयार किया गया था, जिसे बनाने में करीब एक महीने का समय लगा था।
व्यापारियों ने किया ऑनलाइन कारोबार के मायाजाल के रावण का दहन
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी संदेश के साथ मध्य क्षेत्र के व्यापारियों ने ऑनलाइन कारोबार में बढ़ते डिस्काउंट और असमान प्रतिस्पर्धा के विरोध में 'ऑनलाइन कारोबार के मायाजाल' के रावण का प्रतीकात्मक दहन किया। व्यापारी अक्षय जैन ने बताया कि इतवारिया बाजार पर इस रावण का दहन किया गया। इसके अलावा, विजय नगर चौराहे के समीप मैदान पर और तिलक नगर सहित शहर के अन्य कई हिस्सों में भी रावण का दहन पूरी धूमधाम के साथ किया गया।