रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार रविवार को इंदौर प्रवास पर आए। उन्होंने मीडिया से चर्चा की और इंदौर से जुड़े प्रोजेक्टों में गति लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान इंदौर और उज्जैन के लिए देशभर के शहरों से सवा सौ से ज्यादा ट्रेनें चलेंगी।
सतीश कुमार ने इंदौर और आसपास की रेल परियोजनाओं की समीक्षा की है। वे जल्द से जल्द पूरी होंगी। इंदौर को नई ट्रेनें भी दी जाएंगी। मेमू ट्रेन भी इंदौर को मिलेगी। मेमू ट्रेन का निर्माण तेजी से हो रहा है। सिंहस्थ से पहले इंदौर को मेमू ट्रेन मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से सिंहस्थ की कई गाड़ियां चलेंगी। उज्जैन से इंदौर के बीच के दूसरे स्टेशनों की व्यवस्थाएं भी बढ़ाई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा गाड़ियां चल सकें। सिंहस्थ के दौरान सवा सौ ट्रेनें देश के अलग-अलग शहरों से चलेंगी।
पांच साल में पूरा होगा इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट
उन्होंने कहा कि इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट पांच साल में पूरा हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण का काम जारी है। यह लंबी प्रक्रिया होती है। एक से डेढ़ साल का समय इसमें लगता है। इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच की दूरी कम होगी।
रीगल ओवरब्रिज देखने पहुंचे
स्टेशन पर अफसरों से मुलाकात के बाद सतीश कुमार रीगल ओवर ब्रिज देखने पहुंचे। इस ब्रिज का निर्माण रेलवे कर रहा है। पुराना ब्रिज तोड़ने से पहले वैकल्पिक ब्रिज तैयार किया जाएगा, ताकि शहर का ट्रैफिक प्रभावित न हो। इसके बाद वे इंदौर से उज्जैन तक ट्रैक देखने के लिए निरीक्षण कोच में सवार हो गए। सांसद शंकर लालवानी ने भी उनसे मुलाकात की और कहा कि इंदौर स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम न रोका जाए। सिंहस्थ से पहले जितना निर्माण हो सकता है, उसे पूरा किया जाना चाहिए।