इंदौर के पाॅश इलाके रेसकोर्स क्षेत्र में 11 दिन पहले तीन लोगों के साथ हुई लूट के मामले में पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगे। पुलिस ने इंदौर से लेकर उज्जैन तक सात सौ से ज्यादा कैमरों के फुटेज देखे। इंदौर में, उज्जैन में लुटेरों के फुटेज मिले, लेकिन लुटेरे नहीं मिल सके।
अब तक पुलिस के हाथ खाली है। बदमाशों की गैंग और उनके नाम भी नहीं पुलिस पता नहीं कर सकी। बस यह कयास लगाए जा रहे है कि यूपी,हरियाणा या राजस्थान के हो सकते है वे वारदात करने आए उज्जैन के रास्ते आए थेे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया।
पांच टीमें तलाश रही लुटेरों को
बदमाशों ने चोरी की बाइक का इस्तेमाल वारदात के लिए किया। रेसकोर्स क्षेत्र निवासी कमलेश अग्रवाल, उनके बेटे और पड़ोसी पिंकेश शाह से सोने के आभूषण लूट कर ले गए। जिनकी कीमत पंद्रह लाख रुपये है।
बदमाशों ने उससे पहले दो अन्य वारदातें भी की थी। इसके बाद वे सांवेर रोड तक बाइक से पहुंचे और वहां बाइक छोड़कर बस से उज्जैन के लिए रवाना हो गए।
बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई गई, लेकिन लुटेरों का पता नहीं चल सका। उज्जैन में भी बस स्टेशन के आसपास उनके फुटेज मिले, लेकिन पुलिस की गिरफ्त से बदमाश बाहर है। पुलिस अफसरों का कहना है कि इस वारदात के अब तक मिले सुरागों के आधार पर जांच चल रही है। जल्दी ही लुटरे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।