प्रो. गुप्ता की इलाज के दौरान मौत
- फोटो : अमर उजाला
देवी अहिल्या विश्व विद्यालय इंदौर के प्रोफेसर विजय बाबू गुप्ता की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वे बीते एक सप्ताह से निजी अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें स्वाइन फ्लू हुआ था, हालांकि वे इससे उबर चुके थे और उनकी रविवार को अस्पताल से छुट्टी होने वाली थी, लेकिन दिल का दौरा पड़ने के कारण उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग इसे स्वाइन फ्लू से मौत नहीं मान रहा है, क्योंकि उनके सैंपल सरकारी लैब में नहीं भेज गए थे। सरकारी लैब में भेजे गए सैंपल यदि पॉजिटिव आते तभी स्वास्थ्य विभाग उसे मान्य करता है।
विदेश गए थे
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों वे एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने विदेश गए थे। वहां से आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और वे अस्पताल में भर्ती हुए थे। सात दिन के उपचार के बाद वे ठीक हो गए थे, लेकिन शनिवार रात को दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
प्रो. गुप्ता स्कूल आफ डेटा साइंस के विभागाध्यक्ष थे। उन्होंने कई अन्य विभागों की भी जिम्मेदारी संभाल रखी थी। प्रो. गुप्ता छात्रों की समस्याओं को हल करने में हमेशा प्रयासरत रहते थे। उन्हें विद्यार्थी भी काफी पसंद करते थे।