इंदौर के मूसाखेड़ी ब्रिज के निर्माण की धीमी रफ्तार ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। जून माह तक ब्रिज पूरा बन जाता था, लेकिन अगस्त माह तक एक लेन पर लोहे का स्ट्रक्चर रख दिया गया है। अब उस पर स्लैब डालने का काम शुरू होगा। अक्तूबर माह तक ब्रिज की एक लेन तैयार हो जाएगी। दोनों लेन शुरू होने के लिए नए साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
ब्रिज मार्च माह तक पूरा होना था, लेकिन लगातार इस ब्रिज का काम पिछड़ता चला गया और कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसकी समयसीमा जून माह तय की, लेकिन अभी तक तैयार नहीं हो पाया है। अब काम में तेजी आ रही है। ब्रिज की एक लेन पर लोहे का स्ट्रक्चर लॉन्च हो गया है। अब उस पर स्लैब डालने का काम शुरू होगा। इस ब्रिज का निर्माण मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा 67 करोड़ रुपये में किया जा रहा है। इस ब्रिज की लंबाई 800 मीटर है, जबकि ब्रिज छह लेन चौड़ा है। अतिक्रमण और बाधक निर्माण समय पर नहीं हट पाने की वजह से ब्रिज निर्माण में लगातार देरी होती गई।
इस मार्ग का ट्रैफिक सर्विस रोड पर डायवर्ट किया गया है, लेकिन सर्विस रोड की हालत काफी खराब हो चुकी है। कई बार ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन जाती है। रोड पर आधा से एक फीट के गड्ढे हो चुके हैं। ट्रैफिक का ज्यादा दबाव होने के कारण सर्विस रोड की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है।
एक साथ मिलेगी तीन ब्रिजों की सौगात
इंदौर में सत्यसाईं चौराहा, निरंजनपुर, रेतमंडी और मूसाखेड़ी ब्रिजों का निर्माण 70 से 80 प्रतिशत तक हो चुका है। रेतमंडी ब्रिज की एक भुजा ट्रैफिक के लिए खोली जा चुकी है। जनवरी माह तक चारों ब्रिज निर्माण की अंतिम स्थिति में होंगे। जल्दी ही ब्रिजों की सौगात शहरवासियों को मिलेगी।