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Twisha Sharma Case: समर्थ के वकील ने कहा- पति ने ही फंदे से उतारा, वो गलत होते तो फरार हो जाते; खुद सरेंडर हुए

Sun, 24 May 2026 06:42 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

त्विषा शर्मा आत्महत्या मामले में अब पति समर्थ शर्मा की ओर से उनके वकील ज्ञानेंद्र शर्मा सामने आए हैं। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान वकील ने समर्थ और उनकी मां गिरिबाला शर्मा पर लगे आरोपों को निराधार बताया। 
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त्विषा शर्मा मौत मामले में कल होगी सुनवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल की त्विषा शर्मा आत्महत्या केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इंदौर में त्विषा शर्मा के पति समर्थ के वकील ज्ञानेंद्र शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा गया कि इस पूरे ही मामले में जिस तरह से त्विषा शर्मा के पति समर्थ का और उनकी सास गिरिबाला पर जो आरोप लग रहे हैं वह पूरी तरीके से निराधार हैं। वकील शर्मा का कहना है कि जब यह पूरा घटनाक्रम घटित हुआ तो खुद समर्थ ही सबसे पहले त्विषा के कमरे में पहुंचे गए और इसके बाद उन्हें फांसी के फंदे से नीचे उतारा और उसके बाद उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

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समर्थ ने खुद सरेंडर किया
वकील ने दावा किया कि यदि वह इस तरह का हत्या करते तो सबसे पहले वह मौके से फरार होते, लेकिन समर्थ के द्वारा इस तरह का कदम नहीं उठाया गया। समर्थ खुद क्रिमिनल एडवोकेट हैं। जब जिला कोर्ट से समर्थ की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त हुई तो हाईकोर्ट जबलपुर में अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई और वहां से याचिका जैसे ही निरस्त हुई तो समर्थ ने सरेंडर कर दिया। यदि वह गलत होते तो फरार हो जाते।

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डेढ़ साल तक बात की, फिर हुई शादी
वकील ने कहा कि फिलहाल हम कोर्ट के समक्ष तमाम तरह की बातें रखेंगे, तो वहीं गिरिबाला की जमानत याचिका को खारिज करवाने को लेकर समर्थ के एडवोकेट का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और वह खुद चाहती हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो। दहेज के रूप में बीस लाख और एक करोड़ रुपए की मांग को लेकर जो बातें मीडिया के माध्यम से सामने आ रही हैं उसको लेकर भी एडवोकेट ने सफाई दी। कहा कि दोनों शादी डाट काॅम के माध्यम से दोनों की शादी तय हुई थी और तकरीबन डेढ़ साल तक त्विषा और समर्थ के बीच बातचीत की, उसके बाद परिवार की रजामंदी के बाद दोनों की शादी हुई।
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सुप्रीम कोर्ट से नोटिस नहीं मिला
वकील ने ये भी कहा कि कभी भी समर्थ और उनकी मां गिरिबाला द्वारा दहेज की मांग नहीं की गई। सीबीआई द्वारा पूरे मामले की जांच को लेकर भी एडवोकेट ने कहा कि जिस तरह से अभी तक हम पुलिस को जांच में सहयोग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सीबीआई को भी सहयोग करेंगे, तो वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने पर एडवोकेट का कहना है कि फिलहाल हमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से किसी तरह का कोई नोटिस नहीं मिला है। यदि नोटिस मिलेगा तो हम सुप्रीम कोर्ट में भी समर्थ और गिरिबाला सिंह की ओर से पक्ष रखेंगे।

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