आरओआर का ग्रुप पहुंचा इस खूबसूरत जगह पर।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
डेढ़ से दो घंटे में आसानी से पहुंच सकते हैं
इस स्थान तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह सुगम है। इंदौर बायपास से देवगुराड़िया होते हुए पेडमी जाना होता है। इसके बाद उदयनगर होते हुए पीपरी गांव और फिर सेमली नर्मदा गांव पहुंचना पड़ता है। गांव के पास स्थित पहाड़ी के समीप ही नर्मदा और खड़ी नदी का सुंदर संगम है। इंदौर से यहां तक करीब डेढ़ से दो घंटे में आराम से पहुंचा जा सकता है।
राइडर्स और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
यह स्थान राइडर्स और प्रकृति प्रेमी पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इंदौर के राइडर्स ग्रुप के एडमिन ज्ञानदीप श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश शुरू होने से पहले यहां घूमने का सबसे अच्छा समय होता है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान नर्मदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे यह क्षेत्र खतरनाक हो सकता है। इसलिए बरसात के समय नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान रास्तों पर भी दिक्कतें आ सकती हैं।
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साफ पानी, बोटिंग और रोमांच का शानदार अनुभव
ज्ञानदीप के अनुसार, बारिश से पहले यहां का पानी बिल्कुल साफ रहता है और पर्यटक बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं। संगम तक जाने के लिए सड़क पूरी तरह बनी हुई है और वाहन आसानी से पहुंच जाते हैं। यदि कोई पर्यटक मोटरसाइकिल से पहाड़ी तक जाना चाहता है, तो उसे केवल करीब 400 मीटर का ऑफ-रोड रास्ता तय करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि प्रकृति के बीच पहुंचकर पानी के महत्व का अहसास होता है और पवित्र नर्मदा नदी का संगम इस अनुभव को और भी खास बना देता है। गर्मी के मौसम में भी यहां चारों ओर हरियाली रहती है। घने जंगल, नर्मदा और खड़ी नदी का संगम इस स्थान की सुंदरता को और बढ़ा देता है।
स्थानीय ग्रामीण करते हैं पूरा सहयोग
ज्ञानदीप ने बताया कि आसपास के गांवों के लोग पर्यटकों का पूरा सहयोग करते हैं। क्षेत्र में कई दुकानें भी हैं, जहां जरूरत का सामान आसानी से मिल जाता है। पर्यटक यहां कुछ समय रुककर आसपास के अन्य दर्शनीय स्थलों का भी आनंद ले सकते हैं। किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर यहां बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।