चोइथराम अस्पताल द्वारा दिया गया त्वचादान का प्रमाण पत्र
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
सामाजिक कार्यों को समर्पित जीवन
लीला काळे जीवन भर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। शिक्षण कार्य से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे लगातार समाज सेवा से जुड़ी रहीं। उनके पुत्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व प्रचारक मनीष काळे ने बताया कि उनकी माताजी ने हमेशा समाज को कुछ देने की इच्छा रखी और इसी संकल्प के साथ उन्होंने देहदान का निर्णय लिया था।
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परिवार ने पूरा किया संकल्प
शुक्रवार दोपहर को लीला काळे ने अंतिम सांस ली। उनके निधन के तुरंत बाद परिवार ने उनके संकल्प को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की। नेत्रदान और त्वचादान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।
शनिवार को होंगे अंतिम दर्शन
उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान 78, वासुदेव नगर, कलेक्टर तिराहा, इंदौर पर रखा जाएगा। शनिवार, 18 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अंतिम दर्शन के बाद देहदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
होलकर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य रहे पति और दामाद
लीला काळे, होल्कर विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य स्वर्गीय प्रभाकर शंकर काळे की धर्मपत्नी थीं। उनके परिवार में पुत्र मनीष काळे, सौमित्र काळे और पुत्री प्रतिभा (आरती) खेर हैं। उनके दामाद अरुण खेर भी होल्कर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य रह चुके हैं।