इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो छात्रों ने आत्महत्या कर ली। शनिवार को दोनों का पोस्टमॉर्टम एमवाय अस्पताल में कराया गया। इन घटनाओं में आत्महत्या के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना में एक 11वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या की, जबकि दूसरी घटना में एक गेम डिजाइनिंग के थर्ड ईयर के छात्र ने अपनी जान दे दी।
विज्ञापन
बेटी ने कहा आज स्कूल नहीं जाऊंगी और लगा ली फांसी
पहले मामले की बात करें तो यह घटना आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरिश नगर की है। पुलिस के अनुसार, विधि सोलंकी नाम की 17 वर्षीय छात्रा ने शुक्रवार को अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के मुताबिक, उस दिन विधि ने बताया था कि उसे स्कूल जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि वॉट्सऐप पर स्कूल का होमवर्क आ चुका है। उसने कहा कि वह घर से ही पढ़ाई कर लेगी। इसके बाद उसके माता-पिता अपने-अपने काम पर चले गए। घर में विधि का 10 वर्षीय छोटा भाई मौजूद था। इसी दौरान, विधि ने अपने घर में फांसी लगा ली। छोटे भाई ने यह देखकर आसपास के लोगों को जानकारी दी। परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और विधि को अस्पताल ले गए। पुलिस को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। शनिवार को विधि का पोस्टमॉर्टम कराया गया। छात्रा के मौसा सतीश बिल्लोर का कहना है कि विधि को किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी और न ही उसने ऐसी कोई बात परिवार के साथ साझा की थी। घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है।
डिजाइनिंग में थर्ड ईयर का छात्र था ओम
दूसरी घटना विजय नगर थाना क्षेत्र की है। यह घटना स्कीम नंबर 74 में स्थित एक हॉस्टल की है। पुलिस के अनुसार, भोपाल के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के रहने वाले 20 वर्षीय ओम विश्वकर्मा ने शुक्रवार को हॉस्टल के अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। ओम गेम डिजाइनिंग में थर्ड ईयर का छात्र था और पिछले कुछ सालों से इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार को जब उसने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो हॉस्टल वार्डन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और अंदर शव को फांसी पर लटका पाया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। शनिवार को ओम का पोस्टमॉर्टम कराया गया। ओम के पिता घनश्याम विश्वकर्मा फौज में लांस नायक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार 18 दिसंबर को बात हुई थी। वे वीडियो कॉल के माध्यम से भी उससे संपर्क करते थे, लेकिन ओम ने कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया। पुलिस ने इस मामले में भी कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है। विजय नगर थाने के जांच अधिकारी अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।