इंदौर शहर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला श्रीनगर एक्सटेंशन का है, जहां कॉलेज जा रही एक छात्रा पर चार कुत्तों ने एक साथ हमला कर दिया। छात्रा की सहेली ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कुत्ते छात्रा को गिराकर उसके पैर को बुरी तरह नोच चुके थे। घायल छात्रा ने पहले हिम्मत दिखाकर कुत्तों को भगाया, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद कुत्तों का झुंड दोबारा लौट आया। पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
संघर्ष के बाद सहेली की मदद से बची छात्रा
छात्रा कॉलोनी से कॉलेज जा रही थी, तभी चार आवारा कुत्ते एक साथ उसकी ओर दौड़े और उसे जमीन पर गिरा दिया। छात्रा ने संघर्ष कर खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन कुत्तों ने उसके पैरों में काट लिया। इसी दौरान उसकी सहेली जो स्कूटी से आगे जा रही थी, रुकी और कुत्तों को भगाने के लिए दौड़ी। छात्रा को इस हमले से घबराहट हुई और वह चक्कर खाकर वहीं बैठ गई। सहेली की मदद से उसे उठाया गया और पास के रहवासी दंपती विशाल व शैफाली अग्रवाल उसे अपने घर ले गए।
रहवासियों ने उठाए कचरे व जूठन पर सवाल
दंपती ने बताया कि छात्रा सुबह परीक्षा देने जा रही थी जब यह घटना घटी। कुत्तों के काटने से उसके पैर में गहरा घाव हो गया। रहवासी बताते हैं कि इलाके में कुत्तों की बढ़ती संख्या के पीछे सोनिया गांधी नगर के लोगों द्वारा रोजाना यहां फेंका जाने वाला नॉनवेज और जूठन जिम्मेदार है। नगर निगम की गाड़ी रोज कचरा उठाती है, लेकिन रात को फिर खुले में खाद्य सामग्री फेंकी जाती है, जिससे कुत्तों का जमावड़ा लगने लगा है। निगम की सफाई टीम भी इस समस्या से परेशान है।
6 माह में 24 हजार लोगों पर कुत्तों का हमला
सरकारी हुकुमचंद अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि 1 जनवरी से 13 जुलाई 2025 तक करीब 24,000 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए हैं। राहत की बात यह है कि एंटी-रेबीज वैक्सीन के जरिए अधिकतर पीड़ित अब स्वस्थ हैं, लेकिन हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रहवासियों ने कई बार नगर निगम के 311 एप पर शिकायत की, जिससे कचरा तो उठा लिया गया, लेकिन जूठन फेंकने की आदत से समस्या बनी हुई है और इससे कुत्तों का आक्रामक व्यवहार भी बढ़ गया है।