Indore News: खजराना में पुलिस इंस्पेक्टर प्रभात नारायण चतुर्वेदी की ऑटो चालक ने हत्या कर दी। पैसों को लेकर हुए विवाद में ड्राइवर ने उनकी जान ले ली, पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इंदौर के खजराना इलाके में बीते शुक्रवार को मिले एक अज्ञात शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मृतक की पहचान पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल के इंस्पेक्टर प्रभात नारायण चतुर्वेदी के रूप में हुई, जिनकी हत्या एक ऑटो रिक्शा चालक ने पैसों के विवाद में कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी ड्राइवर देवेंद्र बोरासी निवासी नंदानगर गली नंबर 10 को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में पत्थरों से इंस्पेक्टर की हत्या करने की बात कबूल की।
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बायपास पर शराब पी फिर हत्या कर दी
दरअसल, इंस्पेक्टर चतुर्वेदी सोमवार तक घर नहीं पहुंचे, जिससे परिवार वालों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट विजयनगर थाने में दर्ज कराई। इसके बाद जब पुलिस ने शुक्रवार को मिले अज्ञात शव की पहचान कराई तो यह चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि इंस्पेक्टर चतुर्वेदी की मां का हाल ही में पन्ना में निधन हो गया था, जिस कारण उनकी पत्नी पहले ही वहां जा चुकी थीं। इसी दौरान प्रभात नारायण घर से 50 हजार रुपए लेकर निकले थे। वे पहले स्कीम-74 स्थित अपने निर्माणाधीन मकान पर गए और फिर वहां से एक ऑटो में सवार होकर बेटे के होटल जाने की बात कही। लेकिन ऑटो चालक ने उन्हें बायपास ले जाकर शराब पी और फिर रास्ते में पैसों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान आरोपी देवेंद्र ने पत्थरों से हमला कर इंस्पेक्टर की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
200 सीसीटीवी फुटेज देखे
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। बायपास से लेकर रिंग रोड और विजयनगर तक कई फुटेज की जांच के बाद पुलिस को देवेंद्र के घर नंदानगर गली नंबर 10 की जानकारी मिली। जब पुलिस वहां पहुंची, तो उसे आरोपी का ऑटो खड़ा मिला, लेकिन वह खुद फरार था। इस आधार पर पुलिस को शक हुआ कि वही हत्यारा है। आगे की जांच में पुलिस को पता चला कि देवेंद्र हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पंधाना भाग गया था। हालांकि, जब वह वापस इंदौर लौटा तो मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।
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पहले से पहचान नहीं थी
पूछताछ में देवेंद्र ने यह भी कबूल किया कि वह इंस्पेक्टर को पहले से नहीं जानता था। वह शराब पीने का आदी था और शादी न होने की वजह से डिप्रेशन में रहता था। हत्याकांड वाले दिन ज्यादा किराया देने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो इतना बढ़ गया कि देवेंद्र ने इंस्पेक्टर की बेरहमी से हत्या कर दी। इस हत्याकांड ने पूरे इंदौर को हिला दिया, जबकि पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया गया।