इंदौर में शहर काजी डॉ. इशरत अली का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने नशे के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। वीडियो के अनुसार, वे खजराना क्षेत्र में शासकीय उर्दू स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खजराना इलाका नशे के व्यापार के कारण बदनाम हो चुका है। यहां खुलेआम नशा बेचा जा रहा है। शहर काजी ने वहां मौजूद लोगों से अपील की कि नशा बेचने वालों के नाम उन्हें बताएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नाम बताने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नशा बेचने वालों की टांगे तोड़ दूंगा मैं
शहर काजी ने अपने सख्त रुख को व्यक्त करते हुए कहा, नशा बेचने वालों की टांगे तोड़ना मुझे आता है। आप मुझे नाम बताइए, मैं आगे कार्रवाई करूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए समाज के जागरूक लोगों को आगे आना होगा। खजराना में बढ़ते नशे के व्यापार पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस तब तक कार्रवाई नहीं कर सकती जब तक उसे नशा बेचने वालों की जानकारी न मिले। इसलिए समाज के जिम्मेदार नागरिकों को इस दिशा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
पुलिस को जानकारी मिलेगी तभी तो एक्शन होगा
डॉ. इशरत अली ने बताया कि यह बयान खजराना में नशे की समस्या को लेकर था। उन्होंने कहा कि स्कूल के कार्यक्रम में कई जिम्मेदार लोग मौजूद थे, और इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ही कार्रवाई करेगी, लेकिन इसके लिए समाज को नशा बेचने वालों की पहचान करने और नाम बताने में सहयोग करना होगा।
सामूहिक प्रयास करना होंगे
उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का समर्थन किया और कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इस तरह सामूहिक प्रयास से ही खजराना और अन्य क्षेत्रों में नशे के व्यापार को समाप्त किया जा सकता है। शहर काजी का यह बयान समाज को नशे जैसी समस्या के प्रति जागरूक करने और इसके खिलाफ एकजुट होकर कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है।