मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर लगातार जारी है। भोपाल और इंदौर में रात का तापमान लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है। इस साल नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। हालात यह हैं कि भोपाल में नवंबर की सर्दी ने पिछले 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं, इंदौर में भी पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी ठंड कभी नहीं पड़ी। इंदौर में शुक्रवार को दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 28.8 डिग्री पर पहुंचा, जबकि रात का तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
एक की जान गई
गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में इस सीजन में पहली बार तापमान गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कड़ाके की ठंड का असर अब जानलेवा भी होने लगा है, रीवा जिले में ठंड लगने से एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना है।
अगले दो दिन शीतलहर का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिसमें मालवा-निमाड़ क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। भोपाल में पिछले 10 दिनों से लगातार कोल्ड वेव यानी शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है।
22 नवंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 नवंबर से देश की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) सक्रिय होने जा रहा है। हालांकि, इससे पहले प्रदेशवासियों को अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड और शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद तापमान में थोड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।