Indore News: इंदौर में 300 साल से अधिक पुराने पीपल के पेड़ की कटाई के विरोध के बाद हरकत में आए नगर निगम ने मौके का निरीक्षण कर जमीन मालिक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आंदोलनकारी कार्यकर्ता FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।
शहर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ पर्यावरणप्रेमियों का गुस्सा फटने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। रविवार को बारहमत्था मंदिर परिसर में 300 साल से अधिक पुराने पीपल के पेड़ की निर्मम छंटाई के विरोध में दो पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने अपने सिर मुंडवा लिए, जिसके बाद प्रशासन ने पेड़ काटने वालों पर कार्रवाई की।
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मुंडन कराकर जताया विरोध
'वृक्ष बचाओ-इंदौर बचाओ' आंदोलन से जुड़े पर्यावरणप्रेमी मुकेश रजत वर्मा और चंद्रशेखर गवली ने सैकड़ों साल पुराने वृक्ष की दुर्दशा पर शोक जताते हुए मुंडन कराया था। यह इंदौर के इतिहास में संभवतः पहली बार है जब पेड़ों को बचाने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर से पीपल के अलावा बेर, गूलर और बबूल समेत कई अन्य काटे गए पेड़ों के ठूंठ भी बरामद किए, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया।
नगर निगम ने की कार्रवाई, लगाया जुर्माना
पर्यावरणप्रेमियों ने तत्काल इसकी सूचना नगर निगम के उद्यान अधिकारी नागेंद्रसिंह भदौरिया को दी। मौके पर पहुंची निगम की टीम को जांच में पेड़ों के 6 छोटे ठूंठ और 3 बड़े ठूंठ मिले। निगम ने 4 पेड़ों की कटाई का पंचनामा बनाकर जमीन मालिक कैलाश मोदी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग के अनुसार, मौके पर बेर, गूलर और बबूल के पेड़ काटे गए थे।
अब FIR दर्ज कराने की मांग
अपने सिर मुंडवाने वाले पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बताया कि केवल जुर्माने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने घोषणा की है कि 'वृक्ष बचाओ इंदौर बचाओ' आंदोलन के तहत सभी पर्यावरणप्रेमी जिला प्रशासन की जनसुनवाई में शामिल होंगे और पेड़ों की कटाई करने वाले आदतन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की पुरजोर मांग करेंगे।