सीएम राइज स्कूल, जिसे मुख्यमंत्री ने अब सांदीपनि स्कूल नाम दिया है, उसकी समीक्षा कलेक्टर आशीष सिंह ने की। इंदौर जिले में कुल 11 सांदीपनि स्कूल भवन प्रस्तावित हैं। इनमें से 10 का कार्य प्रगति पर है, जबकि 1 भवन के लिए मूसाखेड़ी में 5 एकड़ जमीन नहीं मिलने से निर्माण शुरू नहीं हो सका। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी भवनों का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर लिया जाए और फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
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तीन स्कूल पहले ही हो चुके हैं तैयार
निर्माण एजेंसी ने बताया कि जिले में 3 सांदीपनि स्कूल पहले ही बन चुके हैं। 10 में से 7 विद्यालय भवन अब फिनिशिंग स्तर पर पहुंच चुके हैं, जबकि शेष 3 भवनों का कार्य तेजी से जारी है। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय भवन जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रगति का प्रतीक बनेगा।
श्रमिक परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति
बैठक में यह भी बताया गया कि बीड़ी श्रमिकों सहित चूना पत्थर, थर, डोला माइड और लौह मैग्जीन क्रोमखदान श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को ₹1,000 से लेकर ₹25,000 तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। विशेष तौर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹25,000 की सहायता मिलेगी।
आवेदन की अंतिम तिथियां तय
छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति : 31 अगस्त तक
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति : 31 अक्टूबर तक