संघ शताब्दी वर्ष में जनजाति विकास मंच द्वारा इंदौर में मालवा प्रांत का संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की मौजूदगी में हुआ। इस मौके पर होसबोले ने भारत भूमि, भारत माता और जो हिंदू समानताएं हैं, उनके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपने लिए नहीं, बल्कि विश्व कल्याण के लिए जिया।
होसबोले ने विभिन्न संगठनों, एकल अभियान, कल्याण आश्रम, सेवा भारती, जनजाति विकास मंच, जनजाति सुरक्षा मंच और स्वयंसेवकों द्वारा देशभर में जनजाति क्षेत्रों में शिक्षा, स्वावलंबन, कृषि, धर्म जागरण की दृष्टि से चलाए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनजाति अस्मिता और अस्तित्व दोनों की रक्षा करने की आवश्यकता है। हमें भाषा, परंपरा, मान्यताएं, प्रकृति पूजन का संरक्षण करना होगा। साथ ही अस्तित्व के लिए विकास, आधुनिकता, समाज के साथ कदमताल करने का संकल्प लेकर चलना होगा।
होसबोले ने कहा कि आक्रांता राष्ट्र आज समाप्त हो गए हैं।भारत सनातन देश है। हम भी नर से नारायण बन सकते हैं। भारत अपने लिए नहीं, विश्व के कल्याण के लिए ही जिया है। भारत को भारत बनाए रखने का नाम है हिंदुत्व। उन्होंने कहा कि हम सभी एक भारतीय हैं। हम सभी भारत माता की संतान है। यही विचार सर्वोपरि है।
कार्यक्रम में मालवा प्रांत के संघचालक प्रकाश शास्त्री, भीमानायक वनांचल समिति के अध्यक्ष अजमेर सिंह भाबर भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन खेमसिंह जामरा ने किया। प्रस्तावना रूपसिंह नागर ने रखी। अंत में अजमेरसिंह ने आभार प्रकट किया। रविवार को कार्यक्रम में मालवा प्रांत के प्रमुखों की गोष्ठी रखी गई है। इसमें उनसे संवाद होगा। वे गृह संपर्क अभियान में हिंदू समाज के घरों पर जाकर संपर्क भी कर सकते हैं।