सार
इंदौर में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गठित कोर्ट की कमेटी ने ब्लैक स्पॉट खत्म करने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को जन आंदोलन बनाने तथा ट्रैफिक नियमों के प्रभावी पालन पर जोर दिया।
ट्रैफिक सुधार के लिए कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की बैठक
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शहर के ट्रैफिक सुधार के लिए कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की बैठक मंगलवार को इंदौर में हुई। कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस मनोहर सप्रे ने कहा कि शहर में हादसों को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट खत्म करना जरूरी है। हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन की रक्षा करते हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करें, ताकि यह जन आंदोलन का रूप ले सके और ऐसा माहौल बने। चालान काटना ही समस्या का समाधान नहीं है।
इस कमेटी का गठन सड़क हादसों में कमी लाने और ट्रैफिक को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए किया गया है। पहले कमेटी के सदस्य शहर की सड़कों का दौरा भी कर चुके हैं। मंगलवार को कमेटी की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी चालानी कार्रवाई होनी चाहिए। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
कमेटी के सदस्यों ने कहा कि सड़कों की ट्रैफिक इंजीनियरिंग, नियमित तौर पर उनकी मरम्मत और गड्ढों को भरने पर भी ध्यान देना होगा। ये भी हादसों की वजह बनते हैं।बैठक में कहा गया कि शहर की किन सड़कों पर कितने गड्ढे हैं, इसका भी नियमित सर्वे होना चाहिए और उन्हें भरने में अधिकारियों को तत्परता दिखानी चाहिए। सड़कों के गड्ढे भी ब्लैक स्पॉट की वजह बनते हैं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर के प्रमुख ब्लैक स्पॉट खत्म किए गए हैं। इसके कारण हादसों में भी कमी आई है। कुछ ब्लैक स्पॉटों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और अब वहां कोई घटना नहीं हुई है।जस्टिस सप्रे ने कहा कि जिस तरह इंदौर ने स्वच्छता में अपनी पहचान बनाई है, उसी तरह ट्रैफिक नियमों के पालन में भी इंदौर आगे रहे। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।