इंदौर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मनीष बिड़ला की 52 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वे फिटनेस को लेकर बेहद सजग रहते थे और मैराथन में भी भाग लेते थे। उनकी मौत ने उनके दोस्तों और परिचितों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि संतुलित जीवनशैली और नियमित व्यायाम करने के बावजूद हार्ट अटैक क्यों आ रहे हैं। इसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि नियमित व्यायाम करने के बावजूद हार्ट अटैक होने के मामलों में ज्यादातर कारण आनुवंशिक होते हैं या व्यक्ति को पहले से कोई हृदय संबंधी बीमारी होती है, जिसके बारे में उसे जानकारी नहीं होती।
सीने में दर्द होने पर कार से जा रहे थे अस्पताल
मनीष के दोस्तों का कहना है कि वे नियमित रूप से जिम जाते थे और शहर में होने वाली लगभग हर मैराथन में भाग लेते थे। फिटनेस का इतना ध्यान रखने वाले व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ना सभी के लिए हैरानी की बात है।
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फिटनेस अच्छी है तो भी नियमित जांच कराएं
संतुलित व्यायाम करें
35 वर्ष की उम्र के बाद व्यायाम का उद्देश्य खुद को फिट रखना होना चाहिए, न कि केवल शरीर बनाने के लिए अत्यधिक मेहनत करना। जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से हृदय पर दबाव बढ़ सकता है। जिम में व्यायाम करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यदि आप बात कर रहे हैं या गुनगुना रहे हैं, तो आपकी सांस नहीं फूलनी चाहिए।
-डॉ. भरत रावत, हृदय रोग विशेषज्ञ
इन कारणों से कम उम्र में आता है हार्ट अटैक
यदि परिवार में 55 वर्ष से कम उम्र के किसी पुरुष या 65 वर्ष से कम उम्र की किसी महिला को हृदय रोग हुआ हो, तो अन्य सदस्यों में भी इसका जोखिम बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आनुवंशिक कारणों से कम उम्र में दिल का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं, रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति और कुछ नशीले पदार्थों का सेवन भी इसके कारण हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान