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Indore News: लौट आया राजा रघुवंशी? हत्या के बाद घर में गूंजी किलकारी, जिस वक्त मृत्यु, उसी समय हुआ जन्म

Sun, 29 Mar 2026 10:13 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड के नौ महीने बाद परिवार में एक नवजात बेटे के जन्म से खुशियां वापस आ गई हैं। परिवार इसे एक दैवीय संयोग मान रहा है क्योंकि बच्चे का जन्म उसी तिथि और लगभग उसी समय पर हुआ है जब राजा की मृत्यु हुई थी।
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बालक के जन्म पर खुशियां मनाता परिवार। इनसेट- राजा रघुवंशी। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के महीनों बाद रघुवंशी परिवार के लिए खुशी की खबर आई है। परिवार के जिस सदस्य को कुछ समय पहले एक साजिश के तहत खो दिया गया था, उसी की यादों के बीच घर में एक नन्हे बालक का जन्म हुआ है। इस नवजात के आगमन ने परिवार के पुराने जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। पूरे घर में अब शोक की जगह उत्सव का माहौल है और सभी सदस्य इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं।
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पुजारी की भविष्यवाणी सच हुई
राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने इस मौके पर एक पुराने प्रसंग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राजा की तेहरवीं के समय कामाख्या मंदिर के पुजारी ने एक विशेष बात कही थी। पुजारी के अनुसार राजा की मृत्यु अकाल और अस्वाभाविक थी, इसलिए उसकी आत्मा किसी न किसी रूप में परिवार में वापस लौट सकती है। नौ भाइयों के इस बड़े परिवार में अब सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है। विपिन का मानना है कि उनकी भाभी, जो राजा को छोटे भाई की तरह नहीं बल्कि बेटे की तरह स्नेह देती थीं, उन्होंने ही उसे दोबारा जन्म दिया है।

ग्यारस और समय का अद्भुत संयोग
परिवार इस जन्म को महज एक इत्तेफाक नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संकेत मान रहा है। परिजनों के अनुसार जिस दिन राजा की हत्या हुई थी, उस दिन भी ग्यारस की तिथि थी और आज भी ग्यारस का ही दिन है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य समय का मेल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राजा की मृत्यु दोपहर 2:40 बजे के करीब हुई थी, जबकि इस बालक का जन्म भी दोपहर 2:42 बजे हुआ है। समय और तिथि के इस सूक्ष्म अंतर ने परिवार के इस विश्वास को पुख्ता कर दिया है कि उनका 'राजा' वापस आ गया है।
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बिना कुंडली के रखा गया नाम 
नवजात का नाम बिना किसी ज्योतिषीय परामर्श या कुंडली देखे 'राजा' ही रख दिया गया है। राजा की मां उमा रघुवंशी भावुक होते हुए कहती हैं कि जब वे बच्चे को उसके नाम से पुकारती हैं, तो वह इस तरह प्रतिक्रिया देता है जैसे वह सबको पहले से पहचानता हो। मां ने इस खुशी को भोलेनाथ का आशीर्वाद बताया है। उनका कहना है कि जिस समय उनके बेटे ने प्राण त्यागे थे, लगभग उसी समय उसका पुनरागमन होना उनके दुखों को कम करने वाला है।

न्याय की गुहार 
जहां एक तरफ परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ न्याय की लड़ाई अभी जारी है। रघुवंशी परिवार ने प्रशासन और न्यायालय से गुहार लगाई है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए। वे चाहते हैं कि मुख्य आरोपी सोनम और उसके साथियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि दिवंगत आत्मा को पूर्ण न्याय मिल सके।

जेल में हैं सभी आरोपी
विदित हो कि 11 मई 2025 को राजा और सोनम का विवाह हुआ था, जिसके बाद 20 मई को वे मेघालय घूमने गए थे। वहां 24 मई को राजा लापता हो गए और काफी खोजबीन के बाद 2 जून को उनका शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। वर्तमान में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम सहित राज कुशवाह, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
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