मंत्री विजयवर्गीय ने किया दौरा।
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इंदौर के मध्य हिस्से में मेेट्रो के रुट का काम अभी तक शुरू नहीं हो पा रहा है। यहां मेट्रो का अंडरग्राउंड काम होना है और नाथ मंदिर से इसे अंडर ग्राउंड करना तय हुआ है, लेकिन शहर के ज्यादातर जनप्रतिनिधि चाहते है कि पलासिया चौराहा के पहले से मेट्रो अंडरग्राउंड हो,ताकि पलासिया चौराहे पर ब्रिज बनाने में भी परेशानी न आए।
बुधवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेयर पुष्य मित्र भार्गव व जनप्रतिनिधियों के साथ दौरा किया। तब भी पलासिया चौराहे से पहले ही मेट्रो का रुट अंडरग्राउंड करने की बात उठी।
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मंत्री विजयवर्गीय ने अफसरों को इसके लिए नए सिरे से निर्माण लागत का आंकलन करने की बात कहीं है, हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से मेट्रो रुट और स्टेशनों का नोटिफिकेशन हो चुका है। इस कारण संभावना कम ही है कि मेट्रो के रुट में बदलाव हो सके। मेट्रो रेल कार्पोरेशन पहले ही अंडरग्राउंड रुट के लिए निर्माण कंपनी तय कर चुकी है और दो माह बाद एयरपोर्ट वाले हिस्से से काम भी शुरू होगा।
तो डबल डेकर ब्रिज बनाना होगा
यदि मेट्रो पलासिया चौराहा से अंडरग्राउंड करने पर सहमति नहीं बनती है तो फिर पलासिया चौराहे पर डबल डेकर ब्रिज ही बन पाएगा। प्रदेश सरकार ने बीआरटीएस हटाने के निर्देश दिए है। उसके बाद सभी प्रमुख चौराहों पर ब्रिज बनाए जाएंगे। यदि मेट्रो का ट्रेक पलासिया चौराहा से क्रास होगा तो फिर ट्रेक के बीस फीट उपर से ब्रिज बन पाएगा।
इसके चलते ब्रिज की लंबाई भी एक किलोमीटर से ज्यादा रहेगी। पांच माह पहले इंदौर में हुई बैठक में मंत्री विजयवर्गीय के निर्देश पर ही मेट्रो के दो वैकल्पिक रुटों का अध्ययन अफसरों ने किया, लेकिन नोटिफिकेश होने के बाद बदलवा की गुंजाईश नहीं रही।