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Indore News: सर्जरी के 25 साल बाद डॉक्टर से मिली महिला, बोली- जब मैं बच्ची थी, अब तो मां बन गई

Mon, 27 Jul 2026 08:31 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

जन्मजात क्लबफुट की समस्या से पीड़ित रही एक महिला लगभग 25 साल बाद अपने परिवार और बच्चे के साथ वरिष्ठ सर्जन डॉ. प्रमोद पी. नीमा से मिलने पहुंची। बचपन में हुई सफल सर्जरी के बाद आज वह पूरी तरह सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। 
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रश्मि और डॉ. प्रमोद पी. नीमा - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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चिकित्सा सेवा का वास्तविक ध्येय केवल किसी बीमारी या शारीरिक समस्या का इलाज करना नहीं होता, बल्कि किसी व्यक्ति को एक सामान्य, स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना भी होता है। इसी मानवीय विचार का एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक उदाहरण हाल ही में देखने को मिला, जब जन्मजात क्लबफुट यानी टेलीप्स इक्वाइनो वेरस नामक बीमारी से पीड़ित रही रश्मि (बदला हुआ नाम) लगभग 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अपने परिवार और बच्चे के साथ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रमोद पी. नीमा से मिलने पहुंचीं। बचपन के दौर में हुई सफल सर्जरी के कारण आज वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और एक खुशहाल तथा सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
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सही समय पर उपचार ने बदला जीवन का सफर
जब रश्मि की उम्र लगभग 5 वर्ष थी, तब उनके पैर में काफी गंभीर विकृति थी। उस कठिन समय में डॉ. नीमा ने उनकी जटिल सर्जरी करके उनके पैर को पूरी तरह से सामान्य आकार प्रदान किया था। इस उपचार के ही सुखद परिणामस्वरूप आज रश्मि बिना किसी शारीरिक कठिनाई या परेशानी के सामान्य रूप से चल-फिर सकती हैं, अपना पारिवारिक जीवन अच्छे से व्यतीत कर रही हैं और एक बच्चे की मां भी हैं। ढाई दशक बाद अपने डॉक्टर से दोबारा मिलने का यह अवसर बेहद भावुक कर देने वाला था। रश्मि ने बताया कि बचपन में सही समय पर मिले उचित इलाज की वजह से ही आज उनका जीवन इतना सहज और आत्मनिर्भर बन सका है। 
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अभिभावकों को महत्वपूर्ण सलाह
रोबॉटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. प्रमोद पी. नीमा ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी सर्जन या डॉक्टर के लिए जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि और खुशी यही होती है कि वर्षों बाद उनका कोई मरीज पूरी तरह स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीता हुआ उनसे मिलने आए। उन्होंने रश्मि को उनके पूरे परिवार और बच्चे के साथ देखकर अत्यधिक संतोष व्यक्त किया और कहा कि यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि सही समय पर किया गया सटीक उपचार किसी भी व्यक्ति का पूरा भविष्य बदल सकता है। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जन्मजात क्लबफुट का समय पर डॉक्टरी परामर्श और आवश्यकता होने पर सर्जरी कराने से अधिकांश बच्चे पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी अभिभावकों से यह अपील भी की कि यदि नवजात शिशु या छोटे बच्चों के पैरों में किसी भी तरह की विकृति या टेढ़ापन दिखाई दे, तो बिना किसी देरी के तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि शुरुआती दौर में किए गए उपचार के परिणाम सबसे बेहतर और सकारात्मक होते हैं।
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