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Indore News: पीएम मोदी के सपने क्या हैं, वे कैसा भारत बनाना चाहते हैं, यह भी जानना जरूरी

Tue, 11 Feb 2025 08:12 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर नगर भाजपा द्वारा समर्पण निधि को लेकर बनाया गया समर्पण दिवस
 
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कार्यक्रम में भाजपा नेता। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर इंदौर नगर भाजपा द्वारा समर्पण दिवस मनाते हुए अभय प्रशाल स्थित लाभ मंडपम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी अतिथियों ने महापुरुषों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की राजनीति में सुचिता, पवित्रता के आधार पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने खास जगह बनाई। ऐसे महामनीषी, महामानव, महान चिंतक लेखक, पत्रकार, कुशल संगठनकर्ता एवं महान नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर हम उपस्थित हैं। ऋग्वेद की सूक्तियां में 10 मंडलों में विभाजित सुचिता और पवित्रता की जो पराकाष्ठा है उसका स्वरूप हमें उपाध्याय जी के एकात्मक मानववाद के दर्शन में दिखाई देती है। भारत की राजनीति की पवित्रता एवं सुचिता को बनाए रखने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया, लोग कहते हैं कि एकात्म मानववाद समझना और समझाना बहुत कठिन है और उसको समझने के लिए बहुत समय चाहिए जबकि मैं बहुत कम शब्दों में एक सूत्र के माध्यम से आपको समझाने का प्रयास करता हूं। 

क्या है एकात्म मानववाद का दर्शन
हमारे यहां धरती से लेकर पाताल तक, पृथ्वी से लेकर आकाश तक, तारे से लेकर सूर्य तक, पौधे से लेकर वृक्ष तक, नदी से लेकर समुद्र तक, पशु से लेकर पक्षियों तक, आत्मा से लेकर परमात्मा तक जड़ से लेकर चैतन्य तक जो सब कुछ है इसके समूचे भाव को एकात्म मानववाद दर्शन कहा जाता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय के प्रणेता एवं हमारी पंचनिष्ठा के सूत्रधार हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत को बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
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हमें अंतिम व्यक्ति की चिंता
डॉ महेंद्र सिंह ने आगे कहा कि जब समर्पण निधि की बात आती है तो समर्पण कई प्रकार का होता है आपका राष्ट्र के प्रति समर्पण कैसा है, आपका समाज के प्रति समर्पण कैसा है, आपका परिवार के प्रति समर्पण कैसा है, जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्राणायाम बहुत आवश्यक है वैसे ही राष्ट्र और समाज को स्वस्थ रखने के लिए अर्थायाम बहुत आवश्यक है अर्थायाम में सुचिता एवं पवित्रता होनी चाहिए , पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर समर्पण दिवस के अवसर पर समर्पित भाव से हम जो कुछ दे सकते हैं छोटी से छोटी राशि तन समर्पित मन समर्पित और यह जीवन समर्पित के भाव से पार्टी में समर्पित करना चाहिए उससे ही हमारा संगठन स्वावलंबी बनता है। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा बताए गए जो दर्शन और विचार हैं उन्हें हम आत्मसात करते हैं। हमारी केंद्र एवं राज्य की सरकारें उसी तरह की योजनाएं भी बनाती हैं जिससे हम लोक कल्याण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की चिंता हो सके।
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