आश्रम सरकारी जमीन पर बिना अनुमति संचालित पाया गया
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इंदौर के वृद्धाश्रम में नाबालिग द्वारा सो रहे वृद्धों को पीटे जाने का मामला चर्चा में आने के बाद प्रशासन ने वृद्धाश्रम खाली करा लिया। सरकारी जमीन पर बना आश्रम बगैर अनुमति के संचालित हो रहा था। दोपहर में प्रशासनिक अफसर पहुंचे और आश्रम खाली कराया। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को गांधी नगर और गणेश आश्रम में शिफ्ट किया गया।
जो वृद्ध बीमार थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके बाद अफसरों ने वृद्धाश्रम का भवन सील कर दिया। आश्रम संचालिका का कहना है कि जिस नाबालिग ने वृद्धों को डंडे से पीटा, उसकी मां की पांच माह पहले मौत हो चुकी थी और वह आश्रम में ही रह रहा था। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। अफसर शहर के अन्य आश्रमों की भी जानकारी जुटा रहे हैं, जो बगैर अनुमति के संचालित हो रहे हैं।
बुजुर्ग से हुआ था विवाद
नाबालिग किशोर का आश्रम में रहने वाले एक बुजुर्ग से विवाद हुआ था। इस कारण उसने उन्हें डंडे से पीट दिया था। आश्रम में सीसीटीवी कैमरा भी लगा था, जिसमें यह घटना कैद हो गई। अन्य बुजुर्ग बीच-बचाव करने आए तो किशोर ने उनके साथ भी मारपीट की थी।
जब इस घटना की जानकारी अफसरों तक पहुंची तो उन्होंने आश्रम की जांच की। आश्रम बगैर अनुमति संचालित हो रहा था। पुलिस ने भी नाबालिग की काउंसलिंग की। फिलहाल उसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है। किशोर ने बताया कि आश्रम में रहने वाली एक दादी ने उसके सिर पर प्लास्टिक का टब मार दिया था, जिससे वह नाराज था और उसने डंडे से उनकी पिटाई कर दी।