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Indore News: सीवर टैंक में दो निगम कर्मियों की मौत, जहरीली गैस से दम घुटा

Mon, 02 Mar 2026 09:11 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में चोइथराम मंडी गेट के पास सीवर टैंक में जहरीली गैस के रिसाव से नगर निगम के दो कर्मचारियों, अजय और करण की मृत्यु हो गई। टैंक में गिरे पाइप के हिस्से को निकालने में यह हादसा हुआ।
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घटना के बाद पुलिस पहुंची और कर्मचारियों को बाहर निकाला। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। सीवर लाइन में उतरे नगर निगम के दो कर्मचारियों की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई। यह घटना चोइथराम मंडी गेट के समीप घटित हुई। मृतकों की पहचान करण और अजय के रूप में हुई है जो नगर निगम के जोन-13 में पदस्थ थे। शाम करीब 6:30 बजे यह घटना हुई और बताया जा रहा है कि स्थानीय कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक थी।
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पाइप निकालने के प्रयास में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम शाम के समय सीवर की सफाई करने पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना शाम लगभग 6:30 बजे की है। सफाई के दौरान जब सक्शन टैंकर का पाइप बाहर निकाला जा रहा था तभी उसका एक हिस्सा टूटकर सीवर टैंक के भीतर जा गिरा। इसी टुकड़े को वापस निकालने के उद्देश्य से अजय और करण एक-एक करके टैंक के अंदर दाखिल हुए। आशंका व्यक्त की जा रही है कि टैंक में अत्यधिक मात्रा में जमा जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों का दम घुट गया और वे बेहोश हो गए।

बचाने गए दो अन्य भी फंसे
जैसे ही दोनों कर्मचारी अंदर फंसे उन्हें बचाने के लिए एक अन्य कर्मचारी अकबर और एक स्थानीय नागरिक ने भी टैंक में छलांग लगा दी। हालांकि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां मौजूद अन्य लोगों और पुलिस की सक्रियता से इन दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और टैंक में फंसे अजय और करण को बाहर निकालने के प्रयास तेज किए।
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अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया 
काफी मशक्कत के बाद जब अजय और करण को टैंक से बाहर निकाला गया तो उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मृतक कर्मचारियों के परिजनों और साथी कर्मचारियों में शोक की लहर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। 

पहले भी हुए हादसे
पहले भी नगर निगम में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं जिसमें गंभीर लापरवाही सामने आई है। कर्मचारियों के पास न तो सुरक्षा उपकरण होते हैं न ही किसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए त्वरित मदद होती है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है कि क्या इस मामले में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।

निगम ने कहा चेंबर सफाई करने नहीं उतरे थे कर्मचारी

घटना के संबंध में निगम ने भी जानकारी जारी की है और कहा है कि चोइथराम अस्पताल के पास स्थित चेंबर में डी वाटरिंग वाहन को खाली करने के दौरान घटना हुई। प्रारंभिक स्तर पर प्राप्त जानकारी अनुसार जोन क्रमांक 13 में सेफ्टी टैंक खाली करने के बाद डी वाटरिंग वाहन का पानी चेंबर में छोड़ने के लिए निगम कर्मचारियों द्वारा चोइथराम अस्पताल गेट के पास स्थित प्राइमरी लाइन के चेंबर के ढक्कन को खोलकर डी वाटरिंग वाहन का पानी खाली करने के दौरान वाहन का पाइप चेंबर में गिर गया। इसके कारण पाइप निकालने के लिए बिना किसी जानकारी के संभवतः अज्ञानतावश कर्मचारी चेंबर में उतरने के कारण उक्त दुखद घटना घटित हुई है।

 

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार वाहन क्रमांक सी पी ओ 8001 से सेफ्टी टैंक खाली करने के बाद वाहन का पानी प्राइमरी लाइन के चेंबर में खाली किया गया। इस दौरान पाइप चेंबर में गिरने से कर्मचारी करण बिना किसी को बताए चेंबर में उतरने लगा। उतरने के दौरान करण चेंबर में गिर गया जिसे बचाने के लिए कर्मचारी अजय चेंबर में उतर गया। इस कारण दोनों का निधन हो गया।

 

मौके पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं अन्य अधिकारी द्वारा तत्काल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया।

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