बड़वानी जिले के कई गांवों में पिछले एक माह से दहशत का माहौल बना हुआ है। रहस्यमयी जानवर के हमले में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है और 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हाल ही में यह जानवर एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है, जो कुत्ते से बड़ा और भूरे-काले रंग की धारियों वाला दिख रहा है। घायल ग्रामीणों का कहना है कि यह जानवर लकड़बग्घा है, जबकि वन विभाग इसे सियार बता रहा है, जिसकी मौत हो चुकी है। इससे विभाग के दावे पर सवाल उठने लगे हैं।
तड़के मंदिर जा रहे बुजुर्ग पर हुआ हमला, बेटा बोला - पिताजी ने साफ देखा था
एमवाय अस्पताल में भर्ती घायल बुजुर्ग दगडू सूर्यवंशी के बेटे राजेंद्र ने बताया कि उनके पिताजी पर बुधवार तड़के 4 बजे हमला हुआ था। वे गांव के बामन मंदिर से निकलने वाली प्रभात फेरी में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तभी सर्वेश्वर महादेव मंदिर के पीछे मंडी गेट के पास एक कुत्ते के पीछे दौड़ता हुआ जानवर आया और पिताजी पर झपट पड़ा। उसने पहले जांघ पर, फिर हाथ और गर्दन पर हमला किया। दगडू ने जानवर की गर्दन पर पैर रखा तो उसे अच्छे से देख सके। उन्होंने उसे भूरे-काले धारीदार रंग का और कुत्ते से बड़ा बताया। वे 1 जून से एमवाय अस्पताल में भर्ती हैं और बार-बार कह रहे हैं कि वह न सियार था, न कुत्ता, वह लकड़बग्घा था।
लगातार हो रहे हमले, कई घायल, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
सीसीटीवी फुटेज में जानवर कैद, वन विभाग के दावे पर विवाद
बुधवार को मंडी गेट के पास एक होटल के सीसीटीवी कैमरे में जानवर कैद हुआ है। फुटेज कुछ सेकंड का है जिसमें जानवर तेज़ी से गुजरता दिख रहा है। घायलों और परिजनों का दावा है कि वही जानवर लकड़बग्घा है। वहीं, बड़वानी के डीएफओ आशीष बसोड ने कहा कि वीडियो में जो जानवर दिख रहा है वह कुत्ता है, लकड़बग्घा का रिहायशी इलाकों में आना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इसे वन्यजीव बता रहे हैं ताकि मुआवज़ा प्राप्त किया जा सके। हालांकि, गांव के सरपंच और कई लोगों का मानना है कि यह दावा सही नहीं है। अब सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद वन विभाग की जांच और ग्रामीणों के अनुभवों में टकराव साफ दिख रहा है।