डॉ. घनघोरिया ने अपनी योजनाओं पर चर्चा की।
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इंदौर के सबसे बड़े अस्पताल एमवाय को रोबोटिक्स सर्जरी जैसे एडवांस्ड क्षेत्र में भी अव्वल बनाया जाएगा। इसके लिए पहले ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा और युवा डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। संसाधन जुटाने के बाद बेहद कम दरों पर मरीजों के लिए रोबोटिक्स सर्जरी उपलब्ध करवाई जाएगी। यह बात एमजीएम कालेज के नए डीन डॉक्टर अरविंद घनघोरिया ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कही।
निःस्वार्थ काम करते रहेंगे तो प्रोत्साहन जरूर मिलेगा
डीन के पद के लिए लंबे समय से विवाद चल रहा था। मैंने खुद कभी इसके लिए नहीं सोचा था। मेरा मानना है कि यदि आप निःस्वार्थ भाव से अपना काम करते जाते हैं तो कहीं न कहीं आपको प्रोत्साहन तो मिलता ही है। मैंने नीमच मेडिकल कॉलेज में सर्जरी शुरू करवाई। 100 बैच का एमबीबीएस स्टूडेंट्स का ग्रुप आया जिसे वहां पर सभी एजुकेशनल सुविधाएं दी गई। यह सफल माडल रहा। इसके बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन के लिए मेरा नाम आगे बढ़ा।
कम काम करने वाले डॉक्टरों पर एक्शन लेंगे
मैं डीन पद पर आने के बाद भी सर्जरी कर रहा हूं। हर डॉक्टर को अपने काम के समय से ज्यादा देने की कोशिश करना चाहिए। निर्धारित समय से कम काम कभी नहीं करना चाहिए, कुछ डॉक्टर निर्धारित समय से ज्यादा काम कर रहे हैं। वे दूसरों के लिए भी आदर्श हैं। कुछ डॉक्टर समय से कम काम करते हैं हम उन पर एक्शन लेंगे।
मरीजों को गले लगाकर विदा करेंगे
हम एक अच्छा माहौल तैयार करेंगे। यहां से मरीजों को गले लगाकर विदा करेंगे। हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाएंगे। साथी डॉक्टर और कर्मचारियों के लिए सुविधाएं बढ़ाएंगे। मरीज यहां से जाए तो अच्छे अनुभव लेकर जाए यही हमारी प्राथमिकता होगा।
रैगिंग के मामलों पर सख्ती बरतेंगे
रैगिंग की शिकायतों पर तुरंत सख्त एक्शन होगा। किसी भी मेडिकल छात्र को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। छात्र पूरी तरह से निश्चिंत होकर पढ़ाई पर ध्यान दें। किसी भी परेशानी पर तुरंत मुझसे संपर्क करें।