इंदौर के एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में चूहों के कुतरने से जिन नवजातों की मौत हुई थी, उनमें से एक बच्ची के परिजन शनिवार को धार जिले से एमवाय अस्पताल पहुंचे। उनके साथ आदिवासी संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मृतक परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की।
पिता बोले, मौत की सूचना तक नहीं दी गई
नवजात के पिता देवराम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बच्ची की मौत की जानकारी तक नहीं दी गई। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें घर जाने और फोन पर जानकारी देने की बात कही थी, लेकिन पांच दिन तक किसी ने संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा कि मौत की सूचना उन्हें तब मिली जब एक नेता उनके घर पहुंचे। परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की।
स्टाफ ने कहा था, फोन करेंगे, पर नहीं किया
देवराम ने बताया कि बच्ची को पहले धार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, क्योंकि उसकी किडनी पूरी तरह विकसित नहीं थी। वहां से रेफर करके उसे एमवाय अस्पताल लाया गया। आईसीयू में भर्ती करने के बाद स्टाफ ने उन्हें नीचे भेज दिया और कहा कि फोन करेंगे, लेकिन दो दिन इंतजार करने के बाद भी कोई सूचना नहीं दी गई। सोमवार शाम को परिजन घर लौट गए और बाद में मीडिया के जरिए मौत का पता चला।
जयस का आरोप – गंभीर लापरवाही, मुआवजा दो
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि डीन को तत्काल हटाया जाए और मृतक नवजातों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अस्पताल गेट पर धरना जारी रहेगा।
कांग्रेस विधायक पहुंचे, लगे दबाव बनाने के आरोप
धरने के दौरान कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल भी अस्पताल पहुंचे। इस पर कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे परिजनों पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि ग्रेवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे तो केवल अपने क्षेत्र के परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
अफसर बोले जांच के बाद होगी कार्रवाई
अपर कलेक्टर रोशन राय ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।