Indore News: MPPSC ने चल रहे साक्षात्कारों के बीच एक आवश्यक सूचना जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति चयन के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसकी गोपनीय शिकायत सचिव के ईमेल पर की जा सकती है।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक आवश्यक सूचना जारी कर अभ्यर्थियों को धोखाधड़ी से सतर्क किया है। यह कदम आयोग में वर्तमान में चल रहे विभिन्न साक्षात्कारों के बीच उठाया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति भर्ती या साक्षात्कार में पास कराने के नाम पर राशि की मांग करता है, तो अभ्यर्थी तुरंत उसकी शिकायत कर सकते हैं।
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क्या है आयोग की आवश्यक सूचना?
आयोग द्वारा वेबसाइट पर जारी नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि कार्यालय में आने वाले आगंतुकों को सूचित किया जाता है कि आयोग में साक्षात्कार एवं परीक्षा मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और योग्यता के आधार पर होती है। सूचना में आगे कहा गया है, "यदि आयोग कार्यालय या बाहर का कोई व्यक्ति परीक्षा या साक्षात्कार में उत्तीर्ण कराने का आश्वासन देता है अथवा किसी कार्य के बदले किसी प्रकार की राशि की मांग करता है, तो उसकी शिकायत सचिव, लोक सेवा आयोग के ईमेल secretary-mp@nic.in पर की जा सकती है। प्राप्त शिकायत को पूर्णतया गोपनीय रखा जाएगा।"
आयोग ने बताया 'सतर्कता' कदम
MPPSC इंदौर के ओएसडी डॉ. आर. पंचभाई ने इस सूचना पर कहा कि यह एक सतर्कता के तौर पर जारी की गई है। उन्होंने बताया, "अभी लगातार इंटरव्यू चल रहे हैं। इंटरव्यू के परिणाम भी आ रहे हैं। सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी, ग्रंथपाल (उच्च शिक्षा) के अलावा विशेषज्ञ मेडिकल ऑफिसर के भी इंटरव्यू चल रहे हैं। यह आवश्यक सूचना इस वर्ष सतर्कता के तौर पर जारी की गई है।"
NEYU ने किया स्वागत, कहा- कड़ाई से हो लागू
इस सूचना के जारी होने पर नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) ने 'एक्स' पर प्रतिक्रिया दी कि अभ्यर्थी अब 'व्हिसलब्लोअर' बन सकते हैं। NEYU के सदस्य रंजीत किसानवंशी ने बताया कि यूनियन लंबे समय से आयोग की भर्तियों में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा, "आज हम मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने इस प्रकार की पहल की है। इससे यह भी सिद्ध होता है कि हम लंबे समय से इस विषय पर ज्ञापन दे रहे थे। लोक सेवा आयोग इस कदम को केवल औपचारिकता मात्र न रखे, बल्कि इसे कड़ाई से लागू करे, ताकि मध्यप्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।"