कल मप्र सरकार का बजट आने वाला है। बजट को लेकर प्रदेश के नागरिकों की कई अपेक्षाएं हैं। अमर उजाला ने इस मौके पर शहर की प्रमुख संस्थाओं से बात की जिनमें महिलाएं, युवा और उद्योगपति शामिल रहे। सभी ने अमर उजाला के माध्यम से सरकार को अपनी मांगे बताईं और कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने का सपना सभी का है लेकिन इन बातों पर सरकार को प्रमुखता से ध्यान देना होगा।
उद्योगपतियों की यह चार प्रमुख मांगें
1. मध्यप्रदेश में सीएनजी पर वैट और अन्य टैक्स को कम करना चाहिए। महाराष्ट्र और गुजरात की तुलना में हमारे प्रदेश में यह टैक्स बहुत ज्यादा है। हमें ग्रीन और इको फ्रेंडली स्टेट बनने के लिए इस पर ध्यान देना होगा।
2. एविएशन ईंधन की दरें भी कम करना चाहिए। इससे इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए मप्र आकर्षण का केंद्र बनेगा। विशेषकर इंदौर एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
3. उद्योगपति बैंक से जो लोन लेते हैं उस पर भी राज्य सरकार द्वारा लगने वाला शुल्क अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा है। इसे बैंक लोन पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी के रूप में लिया जाता है।
4. प्रापर्टी की रजिस्ट्री पर जो टैक्स लगता है वह भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा है। यदि हमने 100 रुपए में कोई प्रापर्टी ली और फिर उसे 120 रुपए में बेची तो 20 रुपए पर टैक्स लगना चाहिए लेकिन पूरे 120 रुपए पर लगता है। यहां 100 रुपए पर टैक्स तो सरकार को पहले ही दिया जा चुका है। इस तरह यह टैक्स दो बार लग रहा है।
- अक्षत चोरड़िया, सीईओ, रिनी लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड, सीआईआई मालवा जोन के पूर्व प्रमुख
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महिलाओं की बात भी सुने सरकार
जब केंद्र सरकार महिला उद्यमियों के लिए इतना कुछ कर रही है तो स्टेट में भी महिलाओं को टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। आने वाले बजट से महिलाओं की यही अपेक्षा है कि जीएसटी कि दरें और कम कर दी जाएं। इनकम टैक्स में जो महिलाओं को जो छूट दी जाती है उसे दोगुना कर दिया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अपनी इनकम में से सेविंग करें। उद्योगपति महिलाओं के लिए कम कीमतों में कम ब्याज दरों में लोन दिए जाएं। महिलाओं को उद्योगों के लिए जमीन का आवंटन होना चाहिए जिससे हर काम में महिलाएं अपना परचम फहराएं। लड़कियों और महिलाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया जाना चाहिए। स्टार्टअप वाली महिलाओं के लिए विशेष छूट होना चाहिए।
- श्रेष्ठा गोयल, एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज, मध्यप्रदेश महिला विंग सिद्धि की प्रेसिडेंट
इन मांगों पर भी ध्यान दे सरकार
1. स्टाम्प ड्यूटी में कमी: रियल एस्टेट और व्यावसायिक ऋणों को बढ़ावा देने के लिए संपत्ति लेनदेन और ऋण दस्तावेजीकरण पर स्टाम्प ड्यूटी कम करना चाहिए।
2. उद्योग-विशिष्ट प्रोत्साहन: निवेश को आकर्षित करने के लिए कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए रियायतें देना चाहिए।
3. व्यवसाय करने में आसानी: व्यवस्थाओं को सरल बनाना चाहिए। व्यापार के लिए आवश्यक सभी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए एकल पोर्टल बनाना चाहिए।
4. बुनियादी विकास ढांचा: व्यापार के विस्तार के लिए सड़कों, लॉजिस्टिक्स पार्कों और बिजली आपूर्ति में निवेश करना चाहिए।
- सी.ए. रजत धानुका, अध्यक्ष, आईसीएआई की सीआईआरसी की इंदौर शाखा