इंदौर में नगर निगम की टीम ने गुरुवार सुबह कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाए। एमओजी लाइन में स्मार्ट सिटी के तहत निर्माण होना है।पूर्व में भी यहां से पचास से ज्यादा निर्माण हटाए जा चुके है। दुकानदारों का कहना था कि वे वर्षों से यहां व्यापार कर रहे है।
अब रोजी रोटी का संकट हो जाएगा। अफसरों ने कहा कि सालभर में कई बार नोटिस दिए जा चुके है। स्वेच्छा से कब्जे नहीं हटे, इसलिए हमें हटाना पड़ रहे है। कुछ दुकानदारों ने पट्टे भी दिखाए, जिसे अफसरों ने मान्य नहीं किया। उनका कहना था कि कब्जे सड़क की चौड़ाई में बाधक बने हुए है। कुछ दुकानदारों की अफसरों से बहस भी हुई, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल मौजूद होने के कारण कब्जे हटाने में अफसरों को रुकावट नहीं अाई।
गुरुवार को टीम एमओजी लाइन स्थित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को आवंटित सरकारी जमीन पर पहुंची। गंगवाल बस स्टैंड से महू नाका चौराहा के बीच 35 से अधिक कच्चे-पक्के गैरेज मालिकों ने अतिक्रमण कर रखा था। इन सभी को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
30 से ज्यादा श्रमिक और दो जेसीबी की मदद से दो घंटे में अवैध निर्माण जमींदोज किए गए।इस मार्ग के आसपास कुछ अन्य भी अतिक्रमण है, जिन्हें अगले माह फिर हटाया जाएगा। इस सड़क को नगर निगम चौड़ा भी कर रहा है, जबकि इंदौर विकास प्राधिकरण ने यहां छह लेन ब्रिज बनाने की योजना भी बनाई है।
जंजीरवाला मार्ग पर लगेंगे निशान
जंजीरवाला मार्ग पर अवैध शेड हटाए जाने का विधायक महेंद्र हार्डिया ने विरोध किया था। अब वहां नगर निगम पीली लाइन के निशान लगाएगा, ताकि पर्याप्त समय में दुकानदार अवैध निर्माण हटा ले। विधायक हार्डिया ने अफसरों को फोन लगाकर कहा था कि आप तो निशान लगवा दो, हम फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करा देंगे। उधर गुरुवार को नगर निगम की टीम ने एयरपोर्ट क्षेत्र से भी एक अवैध होर्डिंग हटाया।