Indore News: इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक और गंभीर मामला सामने आया है। फर्स्ट ईयर के छात्रों ने आरोप लगाया है कि सीनियर्स ने उन्हें फ्लैट पर बुलाकर बंधक बनाया, मारपीट की और जबरन शराब-सिगरेट पिलाई।
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (MGM) एक बार फिर रैगिंग के गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। एमबीबीएस प्रथम वर्ष (बैच 2025) के छात्रों ने यूजीसी (UGC) नेशनल एंटी-रैगिंग सेल में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों का आरोप है कि बैच 2024 के सीनियर छात्रों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज की और जबरन नशा कराया। शिकायत के बाद यूजीसी ने कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फ्लैट पर बुलाकर तीन घंटे तक बनाया बंधक
शिकायत में पीड़ित छात्रों ने रोंगटे खड़े करने वाली आपबीती बताई है। उनके अनुसार, सीनियर्स ने उन्हें एक निजी फ्लैट पर बुलाया। वहां उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, गालियां दी गईं और मारपीट की गई। हद तो तब हो गई जब फ्रेशर्स को जबरन सिगरेट और शराब पीने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों का दावा है कि उन्हें करीब तीन घंटे तक फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया। इस घटना के बाद से जूनियर छात्र गहरे सदमे और तनाव में हैं।
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बैचमेट ने ही बिछाया जाल
पीड़ितों ने अपनी शिकायत में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनके ही बैच का एक छात्र सीनियर्स का 'खबरी' बना हुआ था। उसी ने सीनियर्स का संदेश पहुंचाया और छात्रों को फ्लैट पर बुलाने का काम किया, जिससे वे इस जाल में फंस गए।
UGC का सख्त नोटिस, डीन से नहीं हो पाया संपर्क
छात्रों ने 18 नवंबर को यूजीसी में शिकायत की थी, जो 19 नवंबर को कॉलेज प्रबंधन तक पहुंची। इसके बाद गुरुवार (20 नवंबर) को एंटी-रैगिंग सेल की आपात बैठक हुई। यूजीसी ने अपने नोटिस (Complaint No. MP_0368) में कॉलेज को निर्देश दिया है कि पीड़ितों की पहचान गुप्त रखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और तत्काल काउंसलिंग करवाई जाए। इस मामले में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और एंटी-रैगिंग कमेटी की चेयरमैन डॉ. पूर्णिमा डे सरकार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। गौरतलब है कि एमजीएम कॉलेज पिछले दो साल से लगातार रैगिंग के विवादों में घिरा हुआ है।