दुल्हा दुल्हन को गोद में उठाकर दिलाए फेरे।
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रविवार को इंदौर में 31 दिव्यांग जोड़े विवाह सूत्र में बंधे। सामूहिक विवाह में बिहार, राजस्थान के अलावा इंदौर संभाग के जिलों से भी जोड़े आए थे। लक्ष्मीनारायण सेवा संस्थान ने यह विवाह समारोह आयोजित कराया था। समारोह में चार हजार से ज्यादा मेहमानों को भोजन भी कराया गया।
संस्था ने विवाह से पहले मेहंदी, महिला संगीत व हल्दी की रस्में भी कराईं। बीते 12 सालों में 700 जोड़ों का विवाह संस्था करा चुकी है। रविवार को कुछ दिव्यांग जोड़ों को उनके परिजनों ने गोद में उठाया और अग्नि वेदी के सात फेरे लगवाए, तो कुछ दिव्यांगों ने शहनाई की मधुर धून के बीच ट्रायसिकल पर बैठकर भी फेरे लिए। विवाह के लिए दुल्हनों के मेकअप की व्यवस्था भी संस्था ने कराई थी।
आयोजकों ने बताया कि सर्वधर्म विवाह का उद्देश्य यही है कि गरीब परिवार अपने बच्चों की विवाह कर्ज लिए बगैर कर सकें। जिन बेटियों के माता-पिता नहीं हैं, उनका विवाह भी संपन्न हुआ। समारोह में दानदाताओं ने पलंग, मंगलसूत्र, अलमारी, सिलाई मशीन, पायजेब व अन्य सामग्री भी दी गई।