सर्पमित्र राजेश जाट (बाएं) और महेंद्र श्रीवास्तव (दाएं)
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर के सर्पमित्रों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयान पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणी ने उन्हें आहत किया है, क्योंकि वे वर्षों से सांपों को रेस्क्यू करने और लोगों को वन्य प्राणियों को मारने से बचाने का संदेश देने का काम कर रहे हैं। सर्पमित्रों का मानना है कि कांग्रेस नेता द्वारा जहरीले सांपों को मारने की बात करना गलत है और इससे लोगों में गलत संदेश जाएगा। वे इस मामले को पुलिस प्रशासन और एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट मेनका गांधी तक ले जाकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
क्या बोले थे खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने महाराष्ट्र के सांगली में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और आरएसएस की तुलना जहरीले सांपों से करते हुए कहा था कि ये जहर की तरह हैं और अगर सांप काटता है, तो व्यक्ति की जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे जहरीले सांप को मार देना चाहिए।
बयान जनता में गलत संदेश देते हैं
इसी बयान पर इंदौर के सर्पमित्रों ने आपत्ति दर्ज कराई है। सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि खड़गे ने सांपों को मारने की बात कही है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि शायद कांग्रेस अध्यक्ष को यह जानकारी नहीं है कि सांप के काटने पर समय पर इलाज मिलने से व्यक्ति की जान बच सकती है। सर्पमित्र राजेश जाट ने कहा कि यह बयान विवादास्पद है और लोगों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने बताया कि सभी सांपों को वन्य प्राणी अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है और किसी भी वन्य प्राणी को मारना गैरकानूनी है। सांपों से दवाइयां बनती हैं और वे पर्यावरणीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं। सर्पमित्रों ने कहा कि वे इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कराने का प्रयास करेंगे।