कल महू में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कुंभ को लेकर एक विरोधाभासी बयान दे डाला। उन्होंने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कह दिया कि कुंभ स्त्रान से गरीबी दूर नहीं होती। इसको लेकर तत्काल विधायक रमेश मेंदोला ने ट्वीट भी कर दिया और कांग्रेस को मुस्लिम लीग से भी ज्यादा सांप्रदायिक और विरोधी पार्टी बता दिया।
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मेंदोला ने कहा गरीबी मिटाने के लिए कुंभ में नहीं जाते हिन्दू
हिन्दुत्व के मुद्दे को लेकर भाजपा विधायक रमेश मेंदोला तत्काल ट्वीट करने या बयान देने के लिए जाने जाते हैं। कल जैसे ही मेंदोला को मालूम पड़ा कि खरगे ने हिन्दू विरोधी बयान दिया है तो उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से एक के बाद एक तीन ट्वीट किए। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी की कांग्रेस अब मुस्लिम लीग से भी ज्यादा सांप्रदायिक और हिन्दू विरोधी हो गई है। आपको हिन्दू समाज और आस्था से नफरत क्यों हैं? आपने कभी मुस्लिमों से तो ये सवाल नहीं पूछा कि क्या हज पर जाने से गरीबी दूर होती है? मेंदोला ने यह भी कहा कोई भी हिन्दू गरीबी मिटाने के लिए कुंभ में नहीं जाता है। वह आस्था का अध्य चढ़ाने के लिए गंगा मैया की गोद में जाता है।
यह कहा था खरगे ने
महू में 'जय बापू, जय भीम, जय संविधान' रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि भाजपा नेता तब तक डुबकी लगाते हैं जब तक यह कैमरों में अच्छा दिखे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठा रहे हैं और अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची हो, तो वह माफी मांगते हैं। खरगे ने कहा कि पीएम मोदी के झूठे वादों के झांसे में न आएं। क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी खत्म होती है? क्या इससे आपका पेट भरता है? मैं किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठाना चाहता। अगर किसी को बुरा लगा हो, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने आगे कहा, "जब बच्चे भूख से मर रहे हैं, स्कूल नहीं जा रहे हैं, मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है, तब ये लोग हजारों रुपये खर्च कर गंगा में डुबकी लगाने की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। बता दें कि खरगे के इस बयान से पहले, अमित शाह ने प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अलग समय पर गंगा में स्नान किया।