इंदौर में लाड़ली बहना योजना के नाम पर असामाजिक तत्व महिलाओं को नए आवेदन पत्र भरने और नाम जुड़वाने का झांसा देकर ₹1500 तक ऐंठ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई नए फॉर्म नहीं भरे जा रहे।
इंदौर में लाड़ली बहना योजना के नाम पर हो रहा एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुछ असामाजिक तत्व योजना में नया नाम जुड़वाने और आवेदन पत्र भरवाने के नाम पर महिलाओं से ₹1500 तक ऐंठ रहे हैं। यह गिरोह ग्रामीण और निचली बस्तियों की महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है। ठग महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए सोशल मीडिया पर घूम रहे कुछ पुराने वीडियो की एडिटिंग करके उनका सहारा ले रहे हैं। ठग सीधे महिलाओं से संपर्क करके उन्हें झांसे में ले रहे हैं और कई महिलाओं को इस तरह के मैसेज भी आए हैं। इसमें साइबर ठगी में फंसने का भी खतरा है।
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विभाग के पास पहुंचे कई मामले
सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुराने बयानों वाले वीडियो एडिट करके वायरल किए जा रहे हैं। इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि योजना के नए फॉर्म अगले महीने से भरे जाएंगे। इन वीडियो को दिखाकर महिलाओं से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। कई महिलाएं सच्चाई जानने महिला एवं बाल विकास विभाग के दफ्तर पहुंच रही हैं। भूरी टेकरी की शिवानी ने बताया कि कंप्यूटर दुकान वाले ने फॉर्म भरने की बात कही थी, जिसकी जांच करने वह दफ्तर पहुंची। वहीं ज्योति रावत ने बताया कि पहले भी जाति प्रमाण पत्र के नाम पर और अब लाड़ली बहना योजना के नाम पर उनसे पैसे ठगे गए हैं।
महिला बाल विकास ने जारी की चेतावनी
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी रजनीश सिंह ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत नए आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वर्तमान में केवल पूर्व से पंजीकृत पात्र महिलाओं को ही ₹1500 की राशि दी जा रही है। अधिकारियों ने पुराने वीडियो और सामग्री से भ्रमित न होने की सलाह दी है। विभाग ने महिलाओं से अपील की है कि नाम जुड़वाने या फॉर्म भरने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें और ऐसे किसी भी मामले की तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह के मैसेज मोबाइल फोन के माध्यम से भी प्रचारित किए जा रहे हैं। उन पर भी विश्वास न करें और किसी भी जानकारी के लिए सीधे महिला बाल विकास विभाग में संपर्क करें।