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Indore News: क्या इंदौर SIT फेल हो गई? किन्नर विवाद सुलझाने अब भोपाल से बनेगी नई टीम

Sat, 18 Oct 2025 05:40 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में किन्नर समाज का विवाद गहरा गया है, सपना किन्नर को जेल भेज दिया गया है। 24 किन्नरों द्वारा फिनाइल पीने और आत्मदाह के प्रयास के बाद मामला भोपाल तक पहुंच गया है। 
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13 महिलाओं समेत होटल से 16 लोग गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। किन्नर सपना को दूसरे दिन भी जेल में ही रहना पड़ा। इस पूरे मामले में लगातार नए मोड़ सामने आ रहे हैं और अब इसकी आंच भोपाल तक पहुंच गई है, जिसके बाद एक नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित होने की संभावना जताई जा रही है।
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महामंडलेश्वर और वकील आमने-सामने
शुक्रवार को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी कलेक्टर शिवम वर्मा से मिलने पहुंचे। उन्होंने सपना और उनके वकील सचिन सोनकर पर गंभीर आरोप लगाए। त्रिपाठी ने कहा कि दोनों मिलकर उन्हें और उनके अनुयायियों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। वहीं, वकील सचिन सोनकर ने त्रिपाठी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सोनकर ने कहा कि उन्होंने नंदलालपुरा के किन्नरों के खिलाफ जो भी आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह तथ्यों और सबूतों पर आधारित हैं।

फिनाइल पीने और आत्मदाह की कोशिश
यह मामला तब और गरमा गया जब बुधवार (15 अक्टूबर) शाम पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में 24 किन्नरों ने एक साथ फिनाइल पी लिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान एमवाय अस्पताल के बाहर चार किन्नरों ने पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनसे बोतल छीनकर मामला शांत किया।
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आरोप झूठे होने पर 11 लाख के इनाम की चुनौती
वकील सोनकर ने दावा किया कि उन्होंने प्रशासन के सामने पायल उर्फ नईम अंसारी और सीमा के खिलाफ विदेशी फंडिंग और किन्नरों के साथ बदसलूकी से जुड़े वीडियो और दस्तावेज पेश किए हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर ये आरोप झूठे साबित होते हैं, तो वे खुद 11 लाख रुपए का इनाम देने को तैयार हैं।

पायल हाजी का पलटवार, SIT दे चुकी क्लीनचिट
इधर, पायल हाजी ने भी सामने आकर सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पायल का कहना है कि उनके खिलाफ पहले भी एसआईटी जांच हो चुकी है, जिसमें उन्हें और अन्य किन्नरों को क्लीन चिट दी जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं और गलत तरीके से उनके नाम को घसीटा जा रहा है।

गादी और संपत्ति का पुराना विवाद
किन्नरों के इन दो गुटों में संपत्ति और 'गादी' (गद्दी) को लेकर भी पुराना विवाद चल रहा है। इस मामले में सीपी संतोष सिंह पहले भी एक एसआईटी का गठन कर चुके हैं, लेकिन एसआईटी तीन महीने बाद भी खाली हाथ है। पहले इस एसआईटी में मुख्य भूमिका डीसीपी ऋषिकेश मीणा निभा रहे थे, लेकिन उनके ट्रांसफर होने के बाद जांच ठप पड़ गई।

बीजेपी ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, भोपाल से बनेगी नई SIT
किन्नरों के दो गुटों में बढ़ते विवाद के बाद बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मुलाकात की और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, अब राज्य स्तर पर एक नई एसआईटी गठित करने पर विचार किया जा रहा है, जो इंदौर की मौजूदा एसआईटी की जांच की निगरानी करेगी और पूरे मामले की जांच भोपाल से ही संचालित होने की संभावना है।
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