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Indore News: खजराना में कल से तिल चतुर्थी मेला, सवा लाख लड्डुओं का भोग लगेगा

Mon, 05 Jan 2026 09:00 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: खजराना गणेश मंदिर में 6 से 8 जनवरी तक पारंपरिक तिल चतुर्थी मेला आयोजित किया जाएगा। मेले के पहले दिन सवा लाख तिल-गुड़ लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।
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indore news - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 6 से 8 जनवरी तक तीन दिवसीय पारंपरिक तिल चतुर्थी मेला आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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सवा लाख तिल-गुड़ लड्डुओं का भोग
मेले के पहले दिन कल मंगलवार को सुबह भगवान गणेश को तिल और गुड़ से बने सवा लाख लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा। भोग के प्रसाद वितरण का शुभारंभ कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा और निगमायुक्त द्वारा किया जाएगा।
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दस भट्टियों पर तैयार हो रहे लड्डू
भक्त मंडल के अरविन्द बागड़ी ने बताया कि मंदिर के पुजारी पं. अशोक भट्ट, पं. सुमित भट्ट और पं. पुनीत भट्ट के सान्निध्य में दस भट्टियों पर लड्डुओं का निर्माण किया जा रहा है। 7 जनवरी को गणेशजी को गोंद के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा, जबकि 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा।

ध्वजा पूजन से होगा मेले का शुभारंभ
तिल चतुर्थी मेले का शुभारंभ 6 जनवरी को सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन के साथ होगा। इस अवसर पर भगवान गणेश को आकर्षक फूल बंगले में विराजमान किया जाएगा। मंदिर को विशेष विद्युत सज्जा से सजाया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई गईं
पं. जयदेव भट्ट ने बताया कि मेले को देखते हुए मंदिर परिसर को पुष्प और विद्युत सज्जा से सजाया जा रहा है। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मार्गों की मरम्मत और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है। मालवा का प्रख्यात मेला होने के कारण दूर-दूर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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मनोरंजन के साधन भी रहेंगे आकर्षण
मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए पारंपरिक देशी साधन, चकरी, झूले सहित अन्य आकर्षण भी लगाए जाएंगे।

तिल चतुर्थी का धार्मिक महत्व
तिल चतुर्थी के दिन महिलाएं संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसे तिल चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, माघी चौथ, वक्रतुंडी चतुर्थी, तिलवा चौथ और लंबोदर चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन तिल और गुड़ से बने लड्डुओं का भोग विशेष रूप से लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन तिल का दान करने से रोग दूर होते हैं और भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।
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