जीतू यादव और कमलेश कालरा के विवाद में जनता की प्रतिक्रिया।
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इंदौर में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा और जीतू यादव के बीच चल रहे विवाद ने शहरवासियों के जहन में भी डर बैठा दिया है। शहरवासियों का कहना है कि जब नेताओं के बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं तो हमारा क्या होगा। नेताओं के घरों में घुसकर हमले हो रहे हैं तो फिर हम इंदौर में कितने सुरक्षित हैं।
अहिल्या की नगरी का नाम डुबा रहे नेता
सचिन मालावंत ने कहा कि शहर में ड्रग्स का धंधा बढ़ता ही जा रहा है। अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। नेताओं को शहर को सुरक्षित रखने पर ध्यान देना चाहिए जबकि ये खुद लड़े जा रहे हैं। सचिन ने कहा कि अहिल्या की नगरी में कोई भूखा नहीं सोता। यहां पर देशभर के लोग आना चाहते हैं। यदि इसी तरह यहां पर अपराध बढ़ेंगे तो कोई क्यों आएगा। सचिन ने कहा हमारे वोट का क्या उपयोग किया नेताओं ने, आज यह एक दूसरे को ही नंगा कर रहे हैं। इंदौर की जनता कभी भी इस तरह के नेताओं को कबूल नहीं करेगी।
गुंडों को संरक्षण दे रहे नेता
माया देवी ने कहा कि शहर का माहौल खराब होता जा रहा है। युवा मर्यादा में नहीं हैं, नशा बढ़ता जा रहा है। नेता खुद शहर का माहौल खराब कर रहे हैं। आज गुंडों को नेता खुद संरक्षण दे रहे हैं। पुलिस और प्रशासन क्यों सख्ती नहीं कर रहा है। जगह जगह युवा नशा कर रहे हैं। बस्तियों में हालत बहुत खराब है। पुलिस पकड़ती भी है तो तुरंत छोड़ देती है। सरकार को शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देना चाहिए। युवा पीढ़ी पूरी तरह से बर्बाद हो रही है और नेता उन पर ध्यान देने की बजाय खुद लड़े जा रहे हैं।
नेताओं के बच्चे सुरक्षित नहीं, हमारा क्या होगा
कविता मालवीय ने कहा कि महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं पर अपराध लगातार हो रहे हैं। इंदौर जैसे शहर में इतने अपराध हो रहे हैं सोचिए गांवों में छोटी जगह पर क्या हो रहा होगा। नेताओं के बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं तो हमारे बच्चों का क्या होगा। अभी जो घटनाएं हुई हैं उनकी वजह से डर बैठ गया है। हमें अपने परिवार की चिंता होती है। इस तरह से अपराध बढ़ते रहेंगे तो शहर का भविष्य क्या होगा।