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Indore News: महालक्ष्मी नगर में अवैध निर्माण पर निगम का हथौड़ा, बिल्डिंग जमींदोज

Tue, 25 Feb 2025 07:52 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: निगमायुक्त शिवम वर्मा के निर्देश पर महालक्ष्मी नगर मेन रोड स्थित राधिका पैलेस के आवासीय भूखंडों पर बने अवैध व्यावसायिक निर्माण को तोड़ दिया गया। यह निर्माण पूरी तरह अवैध था, जिसकी जानकारी मीडिया द्वारा उजागर की गई थी।
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महालक्ष्मी नगर में हटा अवैध निर्माण - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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नगर निगम की टीम ने महालक्ष्मी नगर मेन रोड स्थित राधिका पैलेस के आवासीय भूखंड क्रमांक 52 और 53 पर बने अवैध व्यावसायिक निर्माण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इसे ध्वस्त कर दिया। निगमायुक्त शिवम वर्मा के निर्देश पर झोन क्रमांक 8, वार्ड 37 के अंतर्गत इस अवैध निर्माण को हटाया गया। यह अवैध निर्माण 4,000 स्क्वेयर फीट से अधिक क्षेत्र में किया गया था, जबकि यह भूखंड केवल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था। नगर निगम ने इस निर्माण को पूरी तरह अवैध घोषित किया था। पिछले दिनों मीडिया ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था, जिसके बाद निगमायुक्त वर्मा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अवैध निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए थे। हालांकि, भवन स्वामी डॉ. मनीष पिता विश्वेश्वर भगत ने निगम द्वारा दिए गए नोटिस की अनदेखी की और निर्माण कार्य जारी रखा। इतना ही नहीं, इस अवैध इमारत में एचडीएफसी बैंक और एक जिम को किराए पर दे दिया गया था। जब यह जानकारी नगर निगम को मिली, तो वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।  
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कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारी
अपर आयुक्त लता अग्रवाल, भवन अधिकारी झोन 8 गीतेश तिवारी, रिमूव्हल अधिकारी अश्विन कल्याणे, भवन निरीक्षक राज ठाकुर और अन्य अधिकारियों की अगुवाई में नगर निगम के रिमूव्हल अमले ने बिल्डिंग को तोड़ दिया।  

महालक्ष्मी नगर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण
यह भी उल्लेखनीय है कि महालक्ष्मी नगर मेन रोड पर कई आवासीय भूखंडों पर अवैध व्यावसायिक निर्माण किए जा रहे हैं। कई लोग आवासीय भूखंडों को अवैध रूप से जोड़कर व्यावसायिक इमारतें बना रहे हैं, जिससे नगर निगम के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। नगर निगम का कहना है कि अब ऐसी अवैध इमारतों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में भी भूखंडों का अवैध रूप से संयुक्तिकरण किया गया था, जो नियमों के खिलाफ है।  
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नगर निगम का कड़ा रुख  
नगर निगम ने साफ किया है कि अब इस तरह के अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स और जनशिकायतों के आधार पर आगे भी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम अधिकारियों ने शहरवासियों से भी अपील की है कि किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत निगम प्रशासन को दें, ताकि इंदौर को अवैध निर्माण मुक्त बनाया जा सके।
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