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Indore News: हुकुमचंद मिल में रातों रात पेड़ों की कटाई शुरू, कल यहीं पर प्रेस वार्ता करेंगे पर्यावरणविद्

Sun, 24 Aug 2025 08:00 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: हुकुमचंद मिल परिसर में पेड़ों की कटाई की बात पता चलते ही शहर के पर्यावरण प्रेमियों में खासी नाराजगी है। इनका कहना है कि अवैध तरीके से यह कटाई की जा रही है। इसके विरोध में कल प्रेस वार्ता भी रखी गई है। 
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मिल परिसर में कटे पेड़ और पर्यावरणविद् - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर के हुकुमचंद मिल परिसर में पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरणविद् आंदोलन तेज करेंगे। आज मिल परिसर में पेड़ों की कटाई की जानकारी मिलते ही कई पर्यावरणविद् परिसर में पहुंचे। इसके बाद कल इसी जगह पर 1.30 बजे प्रेस वार्ता आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 
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पर्यावरणप्रेमियों ने आगामी रणनीतियों पर चर्चा की - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
रातों रात कट रहे पेड़
अजय लागू, अरविंद पोरवाल और अन्य पर्यावरणविदों ने बताया कि शनिवार 23 अगस्त की रात को इंदौर शहर के प्राकृतिक जंगल हुकुमचंद मिल परिसर में तीन बड़े पेड़ों को उखाड़ा गया। जेसीबी मशीन की सहायता से यह सभी पेड़ उखाड़े गए। यह तीनों पेड़ परिसर में की गई पेड़ों की गई गणना में सम्मिलित हैं। इन पर नंबर भी अंकित किए गए थे। इन पेड़ों पर 2, 28 एवं 32 नंबर डले थे। क्रूरता के साथ इंदौर शहर की प्राणवायु और इन जंगलों को धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है। जिस तरह से रात के अंधेर में पेड़ों को काटा जा रहा है यह प्रशासन के पर्यावरण एवं जनता के प्रति गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को भी दर्शाता है। इससे यह भी स्पष्ट हो रहा है कि प्रशासन किसी भी हद तक जाकर अपने गलत निर्णय को क्रियान्वित करना चाह रहा है। इंदौर का यह प्राकृतिक जंगल शहरवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह शहर को जिंदा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता आ रहा है। 

जहां पर पेड़ कटे वहीं पर कल प्रेस वार्ता होगी
अजय लागू, अरविंद पोरवाल और अन्य पर्यावरणविदों ने बताया कि कल सोमवार 25 अगस्त को हुकुमचंद मिल परिसर, शिव मंदिर में 1.30 बजे प्रेस वार्ता रखी गई है। जहां पर पेड़ों की रातों रात कटाई की गई वहीं पर प्रेस वार्ता रखी गई है ताकि यह बताया जा सके कि किस तरह से प्रशासन रात के अंधेरे में पेड़ों को चुपके से काट रहा है। हुकुमचंद मिल का प्राकृतिक रूप से बना आखिरी जंगल अब कटने की कगार पर है। इस जंगल के नष्ट होने से इंदौर के पर्यावरण, जलवायु और पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इस विषय पर शहर के प्रमुख पर्यावरणविद् अपने विचार रखेंगे तथा पिछले एक वर्ष से चल रहे जंगल बचाओ आंदोलन और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा करेंगे।
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पेड़ों की कटाई के बाद जनहित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
जनहित पार्टी ने आज दिनभर प्रदर्शन किया
हुकुमचंद मिल के पेड़ों को बचाने के लिए जनहित पार्टी के कार्यकर्ता भी लगातार धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। आज सुबह भी पेड़ों की कटाई के बाद सबसे पहले जनहित पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पेड़ों की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया। इसके बाद मालवा मिल चौराहे पर शाम को पर्चे बांटे और जागरूकता अभियान चलाया। 
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