बैठक में इंदौर व उज्जैन के निवेशकों को बुलाया गया।
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आने वाले वर्षो में इंदौर और उज्जैन मार्ग पर बड़े शोरुम, माॅल, हाईटेक बिल्डिंगें नजर आएंगी। प्रदेश सरकार वैसे भी मेट्रोपाॅलिटन सिटी के रुप में इंदौर-उज्जैन, धार जैसे शहरों को जोड़कर विकसित कर रही है। इन शहरों को आपस में जोड़ने के लिए विभाग भी मिलकर काम कर रहे हैं। इंदौर में इस सिलसिले में एक बैठक भी आयोजित की गई। इसमें इंदौर व उज्जैन के निवेशकों को बुलाया गया था।
इन्दौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी परिक्षित झाडे़ ने बताया कि प्राधिकरण सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में विभिन्न आकार के 11 प्लाॅट बेचने की तैयारी रहा है। इस प्लाॅट पर बड़े निर्माण होंगे। उनका लैंडयूज भी व्यावसायिक है। निवेशकों को यह भी बताया गया कि कन्वेशन सेन्टर एवं स्टार्ट अप पार्क भी पीपीपी मोड पर तैयार किया जा रहा है। जिसके प्रस्ताव भी जल्दी आमंत्रित जा रहे है। सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए प्लाॅटों पर होटल निर्माण संबंधी भूमि विकास नियम व अनुमति के आवश्यक प्रावधानों की जानकारी दी।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी संदीप सोनी ने बताया कि उज्जैन विकास प्राधिकरण के क्षिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के दस लाख अधिक के क्षेत्रफल में वाणिज्यिक होटल, माॅल व व्यवसायिक गतिविधियों के निवेश के प्रस्ताव को विस्तार से समझाया। म.प्र. टूरिजम के राजेश गुप्ता ने टूरिजम क्षेत्र में निवेश के अवसरों विशेषकर होटल आदि निर्माण में टूरिजम नीति अनुसार राज्य शासन की टूरिजम प्रोत्साहन नीति को विस्तार से समझाया। इस बैठक में गुजरात के निवेशक भी मौजूद थे।