Indore News: 7 किलोमीटर के मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह 5 बजे से ही पलक पावड़े बिछाए, 2 मई तक आयोजित होगा सुमतिधाम पर पट्टाचार्य महोत्सव, 50 से अधिक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने की मंचों से अगवानी
इंदौर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया, जब महावीर बाग से गांधी नगर स्थित सुमतिधाम तक संतों का मंगल प्रवेश जुलूस निकला। तपती धरती पर जैन समाज के सैकड़ों संतों ने पट्टाचार्य महोत्सव के अवसर पर पैदल विहार करते हुए धर्मध्वजा फहराई। हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह 5 बजे से ही यात्रा मार्ग पर पलक पांवड़े बिछा दिए। बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं ने जैन धर्म के प्रतीक झंडों को थामे और मंगल गीत गाते हुए समूचे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत कई गणमान्य नागरिकों और 50 से अधिक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने मंचों से संतों का स्वागत किया।
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जुलूस में घोड़े, हाथी, बग्गी और 16 मंगल प्रतीकों के साथ निकला काफिला
केशरिया परिधानों में सजे श्रद्धालुओं की भीड़, जैन धर्म के प्रतीक ध्वजा, भगवान के जन्म से जुड़े 16 मंगल प्रतीक, ऊंट, बग्गी, घोड़े और हाथियों के साथ जुलूस गांधी नगर क्षेत्र से गुजरा। जिन शासन के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और क्षेत्र में अद्भुत धार्मिक वातावरण बना। श्री सुमतिनाथ दिगम्बर जिनालय, गोधा एस्टेट में छह दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव प्रभात फेरी के साथ शुरू हुआ। किन्नर समाज ने पहली बार इस आयोजन में भाग लिया और सैकड़ों की संख्या में मुनि महाराज व आर्यिका संघ की अगवानी की। सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु सड़कों के डिवाइडर पर बैठकर गुरुओं की अगवानी के लिए प्रतीक्षा कर रहे थे और जैसे ही शोभायात्रा शुरू हुई, सात किलोमीटर के मार्ग पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची।
महोत्सव की भव्य तैयारी, सुमतिधाम में 360 चौकों का आयोजन
श्री सुमतिनाथ दिगंबर जिनालय गोधा एस्टेट और पट्टाचार्य महोत्सव समिति के अनुसार, सुमतिधाम पर पट्टाचार्य महोत्सव का आयोजन विधानाचार्य धर्मचन्द्र शास्त्री, चन्द्रकांत ईंडी और नीतिन झांझरी के निर्देशन में संपन्न होगा। मनीष सपना गोधा ने बताया कि महोत्सव प्रारंभ होने से पूर्व ही देशभर के 28 राज्यों व विदेशों से श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सुमतिधाम पर गुरू भक्तों के लिए 360 चौके लगाए गए हैं, जहां प्रतिदिन संतों की आहारचर्या संपन्न होगी। श्रद्धालुओं ने काउंटर पर पंजीकरण करवाते हुए अपने स्थान आरक्षित किए और भोजन-आवास की व्यवस्थाएं कर लीं। यह आयोजन 2 मई तक चलेगा और लाखों गुरू भक्तों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
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संतों का विशाल समागम और विंटेज कारों की शोभा
गुरू भक्त परिवार ने बताया कि देशना मंडप में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज, गणाचार्य पुष्पदंत सागर महाराज, आचार्य प्रज्ञा सागर जी समेत अनेक आचार्य और मुनिगण विराजमान होंगे। इस अवसर पर विंटेज कारों का एक भव्य काफिला भी शोभायात्रा में शामिल हुआ। मार्ग में तोपों से कागजी फूलों की वर्षा की गई और 50 से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने मंच लगाकर संतों और श्रद्धालुओं की अगवानी की। 1 लाख से अधिक समाज बंधुओं ने पंजीकरण कराया है और आयोजन समिति के अनुसार, 6 दिवसीय महोत्सव में लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए संपूर्ण दिगंबर जैन समाज और गुरू भक्त परिवार उमंग से भरे नजर आए।