इंदौर के एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने भले ही परिसर में नि:शुल्क भोजन वितरण पर रोक लगा दी हो, लेकिन सेवाभावी संस्थाओं का जज्बा कम नहीं हुआ है। अस्पताल के गेट बंद होने के बावजूद, ये संस्थाएं अब परिसर के बाहर मुख्य सड़क पर टेबल लगाकर मरीजों के परिजनों और जरूरतमंदों को भोजन वितरित कर रही हैं।
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क्यों लगा प्रतिबंध?
बीते दिनों एमवाय अस्पताल में चूहों द्वारा दो बच्चों को कुतरने की दुखद घटना सामने आई थी। इस लापरवाही के बाद प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए अस्पताल परिसर में बाहरी संस्थाओं द्वारा मुफ्त भोजन वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया। आदेश में यह भी कहा गया कि अस्पताल के अंदर खाद्य सामग्री लाना भी प्रतिबंधित रहेगा, हालांकि संस्थाएं परिसर के बाहर वितरण कर सकती हैं।
दिवाली पर भी नहीं रुकी सेवा
प्रबंधन के आदेश के बाद संस्थाओं ने बाहर से ही सेवा कार्य जारी रखा है। परसों दिवाली के दिन भी इन संस्थाओं ने एमवाय के बाहर मुख्य सड़क पर टेबल लगाकर जरूरतमंदों को भोजन बांटा। त्योहार के दिन भोजन पाकर परिजनों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई। संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि त्योहार के समय भी भोजन की जरूरत होती है, इसलिए वे कभी भी भोजन वितरण नहीं रोकते।
दूर-दराज से आते हैं मरीज
उल्लेखनीय है कि एमवाय अस्पताल में इलाज करवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर से आते हैं। कई साल से ये संस्थाएं यहां जरूरतमंदों को भोजन खिला रही हैं। कोरोना काल में भी इन संस्थाओं ने बायपास पर पहुंचकर सेवा का जज्बा दिखाया था। भोजन के अलावा कई संस्थाएं यहां अन्य प्रकार का दान भी करती हैं, जिससे जरूरतमंद लंबे समय तक इंदौर में रहकर अपना इलाज करवा पाते हैं।