भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सीमा से सटे एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इस निर्णय के चलते इन हवाई अड्डों से उड़ने वाली फ्लाइट्स की बुकिंग पर भी रोक लगा दी गई थी। इंदौर से जोधपुर, चंडीगढ़ और जम्मू के लिए चलने वाली उड़ानों को भी निलंबित कर दिया गया था। हालांकि अब इंडिगो एयरलाइंस ने इन रूट्स की बुकिंग फिर से शुरू कर दी है। 15 मई से इन रूट्स पर टिकट बुकिंग उपलब्ध हो गई है, और वर्तमान में टिकट की कीमतें 4,000 रुपए से शुरू हो रही हैं। जबकि सामान्य दिनों में ये टिकटें 6,000 से 7,000 रुपए तक की होती थीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी घोषणा की है कि पहले बंद किए गए एयरपोर्ट अब नागरिक उड़ानों के लिए दोबारा खोले जा रहे हैं।
पर्यटकों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता बनी हुई है
इंदौर के ट्रैवल एजेंटों का कहना है कि इन रूट्स की उड़ानें ज्यादातर उन पर्यटकों के लिए अहम हैं जो इन शहरों के माध्यम से अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं। जोधपुर, चंडीगढ़ और जम्मू जैसे गंतव्य कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए लोकप्रिय हैं। एजेंटों का मानना है कि अभी इन रूट्स पर बुकिंग कम हो रही है, इसलिए टिकट की कीमतें कम बनी हुई हैं। 6 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी। इसके चलते सुरक्षा कारणों से 7 मई से पाकिस्तान सीमा से लगे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के एयरपोर्ट्स से सभी उड़ानें बंद कर दी गई थीं, जो 10 मई तक स्थगित रहीं।
सीजफायर के बावजूद हालात तनावपूर्ण
शनिवार शाम को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा की गई थी, जिससे उम्मीद की जा रही थी कि रविवार से उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा। लेकिन रात में पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उल्लंघन करते हुए कई सीमावर्ती शहरों में हमले किए गए। इसके जवाब में भारत ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों देशों के बीच स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई। इस वजह से रविवार को भी सीमावर्ती एयरपोर्ट्स पर उड़ानें बंद रहीं और एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए।
यात्रियों में असमंजस, बुकिंग को लेकर झिझक
हालांकि इंडिगो एयरलाइंस ने 15 मई से उड़ानों की बुकिंग शुरू कर दी है, लेकिन ट्रैवल एजेंटों के मुताबिक यात्री अब भी टिकट लेने से बच रहे हैं। लगातार बनी अनिश्चितता और सुरक्षा चिंताओं के चलते लोग बुकिंग करने में हिचकिचा रहे हैं। इसी वजह से इन रूट्स पर टिकट की कीमतें बेहद कम स्तर पर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध जैसी स्थिति बनी रहती है तो सीमावर्ती एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन आगे भी प्रभावित हो सकता है, जिससे 15 मई के बाद की उड़ानें भी रद्द की जा सकती हैं।