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Indore News: ये हमारे बच्चों का दुर्भाग्य है कि वो भद्दे और हलके गीतों को सुनकर बड़े हो रहे हैं- फिरोज खान

Thu, 09 Jan 2025 09:20 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: कल शाम होने वाले संगीत कार्यक्रम 'मैं हूं मिस्टर जॉनी' के लिए शहर आए अभिनेता व गायक फिरोज खान से गुफ्तगू
 
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पत्रकारों से चर्चा करते फिरोज खान। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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'मैं भी उन महफिलों को देख-सुन रहा हूं जिनमें कलाकार गले और रूह से नहीं, जेब और रूबाब के सहारे गा रहे हैं। बेशक ये महफिलें बड़ी चमकीली होती हैं, लेकिन सुरों का इस चमक दमक से क्या वास्ता... महफिल लूटता वही है जिसने खुद को रियाज में झोंका है... जो उठते बैठते सिर्फ संगीत को जी रहा है। आज मैं उस्ताद अमीर खां के इस शहर में ऐसे ही एक कलाकार के लिए आया हूं जो सुरों को पूजता है। आपका ये अर्जुन आज योद्धा नहीं, सारथी की भूमिका में है।' 
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कलाकार का कोई मजहब नहीं होता
महाभारत में अर्जुन का किरदार निभा कर करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले फिरोज खान कुछ इस अंदाज में रूबरू हुए। वे 10 जनवरी शाम 6 बजे से जाल सभागार में होने वाले संगीत कार्यक्रम 'मैं हूं मिस्टर जॉनी' में शामिल होने आए हैं। हिंदी सहित कई भाषाओं की 367 फिल्मों में काम कर चुके फिरोज ने आज के दौर के संगीत और सिनेमा पर खुल कर बात की। गीतों में बढ़ते हलके-फूहड़ शब्दों और अश्लील फिल्मांकन की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि हम कितने शालीन और गहरे गीत सुनते हुए बड़े हुए और हमारे बच्चे कितना भद्दा और हल्का संगीत सुन रहे हैं। मैं इसे इन बच्चों के साथ पूरे समाज का दुर्भाग्य मानता हूं क्योंकि संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं है। कमजोर पलों में संगीत आपको थाम लेता है, लेकिन अब ऐसे गाने कम ही बनते हैं। आपके शहर का गायक यशवर्धन दुबे नये दौर का होकर भी ऐसे ऐसे दुर्लभ गीत प्रस्तुत करता है जिनमें जिंदगी का निचोड़ है। जीवन के सब फलसफे हैं और ऐसे गायक को मेरे आने से हिम्मत मिले, परवाज़ मिले यह मेरा सौभाग्य होगा। अर्जुन का किरदार निभाने में कैसी मुश्किलें आई के जवाब में वे बोले.. कृष्ण, अर्जुन और महाभारत के किरदारों से कौन हिन्दुस्तानी प्रभावित नहीं होगा, पर किरदार के लिए मैंने पूरी महाभारत और श्रीमद भगवद गीता पढ़ डाली। अर्जुन की दुविधाओं में स्वयं को रख कर महसूस किया और नतीजा सभी ने देखा। लोग आज भी मुझे अर्जुन पुकारते हैं। स्वयं मैं भी। कलाकार का कोई मजहब नहीं होता। 
 
इंदौर के यश के सारथी बने अर्जुन
यह कार्यक्रम भारतीय सिनेमा के दो दिग्गजों को समर्पित है। मो. रफ़ी साहब और जॉनी वॉकर। रफ़ी का यह 100वां जयंती वर्ष है और इसीलिए म्यूज़िक मिरेकल ग्रुप और स्टार फैन क्लब मिलकर यह अनूठा संगीत कार्यक्रम करा रहे हैं। अनूठा इसलिए कि इसमें रफ़ी साहब के गाए वो गीत सुनाए जाएंगे जो रेयर हैं। जॉनी वॉकर के लिए रफ़ी ने जिस शोखी से इन गीतों को गाया है उसे निभाना चुनौतीपूर्ण है इसलिए कार्यक्रमों में ये सुंदर गीत सुनने को नहीं मिलते, लेकिन इन दो दिग्गजों को स्वरांजलि देने के लिए शहर के होनहार युवा गायक यशवर्धन दुबे ऐसे ही कम प्रचलित गीतों की प्रस्तुति देंगे। 10 जनवरी शुक्रवार शाम 6 बजे से जाल सभागार में होने वाले इस कार्यक्रम की संयोजक कल्पना दुबे और इवेंट मैनेजर हेमंत अग्रवाल ने बताया कि यशवर्धन तकरीबन डेढ़ दशक से गायन प्रस्तुतियां दे रहे हैं और सुरों के जरिए ही उनके तार फिरोज खान से जुड़े। यशवर्धन का यश और बढ़े इसी मकसद से फिरोज इस कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। शहर की युवा गायिका हर्षिता जायसवाल भी इस मंच पर प्रस्तुतियां देंगी। हेमेंद्र महावर के संगीत संयोजन में होने वाले इस कार्यक्रम का संचालन विद्याधर मुळे करेंगे। 
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