इंदौर में एक नकली और अयोग्य डॉक्टर द्वारा बिना पंजीयन और डिग्री के मरीजों का इलाज करने का मामला सामने आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि आरती पलवार और उनकी सास कुसुम पलवार ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नकली डॉक्टर प्रदीप पटेल के इलाज से श्याम पलवार की मृत्यु हो गई।
जांच में हुआ खुलासा
शिकायत के आधार पर CMHO इंदौर ने जांच दल गठित किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रदीप पटेल द्वारा संचालित पटेल मेडिकल एंड क्लिनिक (पता-11 श्रीराम नगर, मेन चौराहा, हवा बंगला, इंदौर) का किसी भी प्रकार का पंजीयन नहीं है। क्लिनिक न तो मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रुग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन अधिनियम 1973) नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत रजिस्टर्ड था और न ही प्रदीप पटेल के पास एलोपैथी चिकित्सा की कोई वैधानिक डिग्री थी।
बिना डिग्री इलाज और मरीज की मौत
जांच में पाया गया कि प्रदीप पटेल ने बिना किसी वैधानिक एलोपैथी डिग्री और पंजीयन के श्याम पलवार का इलाज किया। इलाज के दौरान लापरवाही के कारण मरीज की मौत हो गई। यह स्वास्थ्य नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
एफआईआर दर्ज
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. अजय गुप्ता, प्रभारी झोनल चिकित्सा अधिकारी मल्हारगंज ने प्रदीप पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।